Sarva Pitru Amavasya: सर्वपितृ अमावस्या पर शाम को जरूर करें ये काम…पितृदोष से मुक्ति के लिए करें ये उपाय-Video
Sarva Pitru Amavasya: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक पितरों के सम्मान के दिन होते हैं. सनातन धर्म में पितृपक्ष के 15 दिनों तक अगर पूरी श्रद्धा के साथ पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म किया जाता है तो वह पीढ़ियों को आशीर्वाद देकर जाते हैं.
माना जाता है कि पितर जितना अधिक तृप्त होकर जाते हैं उतना ही अधिक पीढ़ियों पर अपनी कृपा बरसाते हैं और वे सुखी रहते हैं. इस बार दिन शनिवार यानी 10 अक्तूबर को सर्वपितृ अमावस्या है. आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि सर्व पितृ अमावस्या की शाम को जब दीपक जलाने का समय होता है.
घर की स्त्रियों को चाहिए कि घर के मुख्य द्वार पर पूड़ी और मिठाई रखना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने का आशय है कि पितर अपने धाम को जाते समय भूखे न जाएं. तो वहीं दीपक भी मुख्य द्वार पर प्रज्ज्वलित करें. इसका अर्थ होता है कि पितरों का मार्ग आलोकित किया जाता है. बता दें कि श्राद्ध पक्ष अमावस्या को ही पूर्ण हो जाते हैं.
इस दिन सभी पितरों यानी ज्ञात और अज्ञात सभी का श्राद्ध कर्म किया जाता है. इस दिन भूले-भटके पितरों के नाम पर ब्राह्मणों को जिमाए जाने की परम्परा है.
पितृदोष दूर करने के उपाय
आचार्य विनोद कुमार मिश्र पितृ दोष को दूर करने के उपाय बताते हुए कहते हैं कि श्राद्ध पक्ष की अमावस्या को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या भी कहा जाता है. इनको करने से पितरों को प्रसन्न किया जा सकता है. इससे पितृ दोष में कमी होगी.
पीपल में पितरों का वास माना गया है. इसलिए सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाएं.
सर्वपितृ अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें । इससे भी पितृगण प्रसन्न होते हैं।
सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर किसी ब्राह्मण को भोजन के लिए घर बुलाएं या भोजन कराकर आटा, फल, गुड़ आदि का दान करें।
सर्वपितृ अमावस्या पर गाय के गोबर से बने कंड़े को जलाकर उस पर घी-गुड़ की धूप दें और पितृ देवताभ्यो अर्पणमस्तु बोलें ।
सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर अपने पितरों को याद कर गाय को हरा चारा खिला दें। इससे भी पितृ प्रसन्न व तृप्त हो जाते हैं।
सर्वपितृ अमावस्या पर कच्चा दूध, जौ, तिल व चावल मिलाकर नदी में प्रवाहित करें ।ये उपाय सूर्योदय के समय करें तो अच्छा रहेगा ।
पितृ पक्ष की अमावस्या को सूर्यास्त से पहले एक स्टील के लोटे में, दूध, पानी, काले व सफेद तिल और जौ मिला लें। इसके साथ कोई भी सफेद मिठाई, एक नारियल, कुछ सिक्के और एक जनेऊ पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सबसे पहले ये सारा सामान पेड़ की जड़ में चढ़ा दें। इस दौरान “पितृभ्यो नम:” का जप करते रहें। मान्यता है कि ऐसा करने से
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)
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