इसी के साथ ही उन्होंने मांग की कि जनता और किसानों के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए.
तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से दिव्यांगजनों तक सुविधाओं की पहुंच को और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है।
अवसर को पहचान कर स्टार्टअप कार्य करें। अपनी कमियों को पहचान कर बेहतर ढंग से आगे आना होगा।
अधिक से अधिक संख्या में धरने में पहुंचें, ताकि शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखने वाले प्रदर्शन को सफल बनाया जा सके.
विश्वविद्यालय की ओर से उपरोक्त पाठ्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 है.
उनकी मेहनत और लगन अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। विश्वविद्यालय ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग प्रदान करता रहेगा।
मेडिकल इंश्योरेंस एवं ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. उन्होंने बताया कि इनका चयन कंपनी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर डिवीजन के लिए किया गया है.
Programme Level जैसे परास्नातक पाठ्यक्रमों Master (P G Programmes) का चयन करें।
शिक्षकों ने स्कूल में मौके पर बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया और फिर बच्चों को घर भेज दिया लेकिन इन बच्चों ने स्कूल के बाहर बड़ा कांड कर दिया.
नोविस श्रेणी में शिवांश सिंह कश्यप और देवेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। WGM श्रेणी में आयुषी भोसले और मेगर बिष्ट विजेता रहे।