इस दौरान पूछताछ में पुलिस को मृतक की पत्नी पर शक हुआ. उससे जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने पूरा घटनाक्रम स्वीकार कर लिया.

इस कदम से चयन प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार के गतिरोध या संदेह की गुंजाइश नहीं रहेगी और मेधावी छात्रों को पूर्ण न्याय मिल सकेगा।