. इसी के साथ उनकी मौत की खबर को इग्नोर करने की बात कही है. साथ ही कहा है कि वह इसकी शिकायत करने जा रहे हैं.

फिलहाल सवाल उठ रहा है कि आखिर धमाका कैसे हुआ? इसको लेकर अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

गुरु गोविंद सिंह के दो बच्चों को चुनवा दिया गया संविधान के लिए नहीं धर्म के लिए उन्होंने अपने प्राण दे दिए.