इसे संयोग कहें या फिर विधि का विधान कि शारदा सिन्हा ने तमाम छठ मइया के गीतों को अपनी आवाज दी और छठ पर्व के दिन ही उनका अंतिम संस्कार हुआ.
इसे संयोग कहें या फिर विधि का विधान कि शारदा सिन्हा ने तमाम छठ मइया के गीतों को अपनी आवाज दी और छठ पर्व के दिन ही उनका अंतिम संस्कार हुआ.