राजा मुचुकुन्द ने राजोचित काष्ठों से शोभन का दाह-संस्कार करवाया। चंद्रभागा पति का पारलौकिक कर्म करके अपने पिता के ही घर ही रहने लगी।

अगर मतान्तर भी होता है तो भी इसी तारीख को रात में 11 बजकर 44 मिनट पर पूर्व दिशा में उदयमान होगा.