इस जन्म में रानी का नाम ईश्वरी और ब्राह्मणी का नाम भूषणा था.
डोरा अर्पित करते वक्त शिवजी से निवेदन करना चाहिए, हे प्रभु इस कुलवर्धनकारी डोरे को ग्रहण कीजिए।
तुम्हें मैं एक घने जंगल में ले चलती हूं जहां पर साधना स्थली भी हो और तुम्हारे पिता तुम्हें ढूंढ न सकें. मुझे पूरा भरोसा है कि भगवान तुम्हारी मदद करेंगे.
हे भोले बाबा जैसे आपने माता पार्वती की इच्छा पूरी की वैसे ही सभी व्रती महिलाओं और कुंवारियों की इच्छा भी पूरी करना. जय भोले बाबा, जय माता पार्वती, जय हरतालिका व्रत.
साधक भगवान शिव का ध्यान करते हुए केवल इस स्तोत्र का ही श्रद्धापूर्वक पाठ करे, तो वह भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकता है.
घर में बना पंचामृत हो या पीली बर्फी, श्री हरि को सभी का भोग लगा सकते हैं लेकिन तुलसी दल डालना न भूलें. इस दिन किसी भी अन्न का भोग नहीं लगाना चाहिए.
इस दिन दूसरों की बुराई न करें. साथ ही क्रोध न करें और झूठ न बोलें. मन को पूरी तरह सात्विक रखें.
Parama Ekadashi: ‘परमा एकादशी’ 27 मई को…पुरुषोत्तम मास में है इसका खास महत्व; भूलकर भी न करें ये काम
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इस दिन दूसरों की बुराई न करें. साथ ही क्रोध न करें और झूठ न बोलें. मन को पूरी तरह सात्विक रखें.
मान्यता है कि इस दौरान किया गया जप-तप, दान और पूजा का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता. इसे अधिक मास भी कहा जाता है.
चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, काजल और वस्त्र आदि दान करने का भी कहीं-कहीं चलन दिखाई देता है.