Rama Ekadashi/Tulsi Ekadashi: आर्थिक संकट दूर करने को रमा एकादशी पर करें ये काम…तुलसी माता की भी करें पूजा
Rama Ekadashi/Tulsi Ekadashi: सनातन धर्म में कार्तिक मास को शास्त्रों में पुण्यफलदायी फल वाला महीना बताया गया है. इसी के साथ इसका ये भी वर्णन किया गया है कि इस जैसा मास कोई दूसरा मास नहीं. इसीलिए अधिकांश लोग इस पूरे माह गंगा स्नान भी करते हैं। तो वहीं कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रम्भा, रमा और तुलसी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के पूर्णावतार कृष्ण जी के केशव रूप के साथ ही तुलसी जी की भी पूजा की जाती है।
इस बार रमा व तुलसी एकादशी 5 अक्टूबर को है.
इस एकादशी को लेकर आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि दीपावली के चार दिन पहले ये एकादशी पड़ती है. इसे लक्ष्मीजी के नाम से रमा अथवा रम्भा एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के पूर्णावतार कृष्णजी के केशव रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन भगवान का सम्पूर्ण वस्तुओं से पूजन, नैवेद्य तथा आरती कर प्रसाद वितरित करना चाहिए। ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से जीवन में वैभव और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।
तुलसी एकादशी
इस एकादशी को तुलसी एकादशी भी कहते हैं। ये तो सभी जानते हैं कि तुलसी पौधे की महिमा वैद्यक ग्रंथों के साथ-साथ धर्मशास्त्रों में भी बढ़-चढ़कर की गई है। शास्त्रों में तुलसी को विष्णुप्रिया भी माना गया है। इस सम्बंध में एक कथा भी प्रचलित है।
इस तरह करें विष्णु जी की पूजा
रमा एकादशी के दिन विष्णुजी नारियल पानी से जलाभिषेक करें. भगवान विष्णुजी को नारियल बेहद प्रिय है. एकादशी वाले दिन भगवान विष्णु का नारियल से जलाभिषेक करने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती है. मान्यता है कि इस एकादशी के दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा के दौरान उनका प्रिय भोग पीला फल, पीली मिठाई ही लगाना चाहिए. इस दिन पीले कपड़े पहनकर ही भगवान की पूजा करने का विधान ज्योतिष बताते हैं. कहा जाता है कि ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है.
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