UP:टाइम एंड मोशन के खौफ ने ली एक बेसिक शिक्षक की जान, शोक में डूबे शिक्षकों ने लगाया योगी सरकार पर शिक्षकों को “टारगेट” करने का आरोप, अधिकारियों की खोली पोल
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में बेसिक शिक्षक आलोक पांडे का इतना भीषण एक्सीडेंट हुआ कि उनके शरीर के परखच्चे उड़ गए। वह हेलमेट लगाए हुए थे, बावजूद इसके उनका सिर पूरी तरह से फट कर सड़क पर बिखर गया था तो वहीं शरीर से मांस के लोथड़े पूरी सड़क पर बिखरे हुए थे। दिवंगत आलोक पांडे सहायक शिक्षक प्राथमिक विद्यालय शेखुपुर विकासखंड सुमेरपुर जनपद उन्नाव के शिक्षक थे। वह सुबह विद्यालय जा रहे थे, तभी उनका एक्सीडेंट हुआ और मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह प्रतिदिन वैन से स्कूल जाते थे और आज बाइक से जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि शिक्षकों में उच्चाधिकारियों के टाइम एंड मोशन का खौफ इस कदर बैठ गया है कि शिक्षक जल्द से जल्द विद्यालय पहुंचने की वजह से दुर्घटना का शिकार हो रहा है। हाल ही में एक शिक्षिका की मौत भी इसी वजह से हुई थी। बताया जा रहा है कि सोमवार को जिस शिक्षक का मौत हुई है, वह भी जल्द से जल्द विद्यालय पहुंचने की वजह से ही एक्सीडेंट का शिकार हुए। शिक्षकों ने कुछ खंड शिक्षाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जल्द से जल्द स्कूल पहुंचने का दबाव बनाते हैं और अगर पांच मिनट भी लेट हो जाओ, तब जब बच्चे भी स्कूल नहीं पहुंचे होते हैं, फिर भी तत्काल कार्यवाही कर रहे हैं और अगर कार्यवाही से बचना है तो उनकी मुठ्ठी गरम कर दो।
इसी वजह से तो शिक्षकों का ब्लाक और जनपद के अंदर ट्रांसफर नहीं किया जा रहा है, वसूली रुक जाएगी। वहीं एक शिक्षक ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सरकार सीधे जुड़ी हुई है। शिक्षकों ने चुनाव के दौरान जो भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध किया था और पुरानी पेंशन की मांग की थी, उसी का बदला लिया जा रहा है। सरकार बेसिक शिक्षकों को टारगेट कर काम कर रही है, इसी वजह से न तो ब्लाक व जनपद में ट्रांसफर किए जा रहे हैं और न ही अन्य मांगे पूरी की जा रही है, बल्कि स्कूल सुबह 6 बजे ही पहुंचने का दबाव बनाया जा रहा है और पांच मिनट भी लेट हो जाने पर बिना स्पष्टीकरण मांगे कार्यवाही की जा रही है। फिलहाल तमाम शिक्षकों ने खंड शिक्षाधिकारियों व बेसिक शिक्षाधिकारियों द्वारा बनाए जा रहे दबाव को लेकर महानिदेश विजय किरण आनंद और मंत्री संदीप सिंह से बात कर मनमाने आदेश पर रोक लगाने की मांग उठाने का निर्णय लिया है।
मांग पत्र दिया
घटना के संबंध में टीम राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से जिलाध्यक्ष भरत चित्रांशी तथा जिला संगठन मंत्री कपिल त्रिवेदी ने प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विवेक तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यदेव सिंह तथा महामंत्री धर्मेंद्र सिंह के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उन्नाव को एक मांग पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें
जिसमें आलोक पांडे के परिवार को समस्त देयको का भुगतान अति शीघ्र कराने की मांग की गई तथा साथ ही यह भी प्रार्थना की गई कि जनपद में निरीक्षण के दौरान किसी भी शिक्षक को विद्यालय पहुंचने में विलंब होने पर उन पर तत्काल कार्रवाई न की जाए। उनसे स्पष्टीकरण अवश्य लिया जाए यदि उचित कारण ना हो तो ही कार्रवाई की जाए।
चोरों की तरह पकड़ते हैं शिक्षकों को
शिक्षकों का कहना है कि उच्च पदस्थ अधिकारियों ने कुछ शिक्षकों को चोर घोषित ही कर रखा है। आश्चर्यजनक ये है कि दुर्घटना की चपेट में केवल वही शिक्षक आते हैं जो नियमित रूप से विद्यालय जाकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। जो शिक्षक स्कूल कभी नहीं जाते उनको उस क्षेत्र के अधिकारी ऐसे मौकों पर ससम्मान फोन कर स्कूल पहुंचने का अनुरोध कर लेते है। बताया जा रहा है कि दिवंगत आलोक को भी जब पता चला कि उनके विद्यालय का ही निरीक्षण लगा है, उन्होंने अपनी गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी और दुर्घटना के शिकार हो गए। शिक्षकों का कहना है कि वैसे तो अधिकारियों को विद्यालय में सेटल होने के लिए कम से कम आधा घण्टे समय देना चाहिए। लेकिन उन्हें तो चोरों की तरह शिक्षकों को पकड़ना है। यही तेजी कार्यालयों में दिखाएँ तो भ्रष्टाचार से मुक्त हो जाए उत्तर प्रदेश।
शोक सभा
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय गंजमुरादाबाद में आलोक पांडेय के दुःखद निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया। सभी शिक्षकों ने नम आंखों से श्रधांजलि दी। इसी के साथ इस मौके पर वैभव त्रिवेदी (अध्यक्ष), विकास गुप्ता उपाध्यक्ष ,अनुज विश्वकर्मा संगठन मंत्री ,संजय सोनी ,आशीष गुप्ता,अजय कुमार, अर्चना सोनकर ,सुनील कुमार आदि शिक्षक मौजूद रहे।