KMCLU: ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय को मिले 2,75000 रुपए, देखें किस कार्य के लिए शासन ने स्वीकृत की है ये धनराशि
लखनऊ। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (केएमसी भाषा विश्वविद्यालय) को उच्च शिक्षा परिषद, उ. प्र. द्वारा दो राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने के लिए कुल रु. 275000 की धनराशि स्वीकृत की गई है।
विश्वविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की सहायक आचार्य डॉ. तनु डंग को नैक विषयक कार्यशाला आयोजित करने के लिए रुपए 150000 तथा विश्वविद्यालय के व्यापार प्रशासन के प्रो. सैयद हैदर अली को नई शिक्षा नीति संबंधी सेमिनार कराने के लिए रुपए 125000 शासन द्वारा स्वीकृत किए गए हैं।

उच्च शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा गठित एक्सपर्ट पैनल की संस्तुतियों के आधार पर यह स्वीकृति प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि नैक की गतिविधियों तथा नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के विभिन्न बिंदुओं पर अभी पूरे देश में पूर्ण स्पष्टता नहीं आ पाई है। अतः इन बिंदुओं पर विस्तृत विचार विमर्श के लिए इन प्रस्तावों को विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा तैयार कर प्रेषित किया गया था। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने दोनों शिक्षकों को बधाई देते हुए यह आशा जताई है कि इन संगोष्ठियों से ना सिर्फ भाषा विश्वविद्यालय बल्कि पूरे देश के विश्वविद्यालय लाभान्वित होंगे तथा विश्वविद्यालय की छवि भी विकसित होगी।
