AKTU: जल संकट को देखते हुए एकेटीयू ने बनाई बड़ी योजना, छात्रों को बनाएगा जल उद्यमी, शुरू करेगा जल प्रबंधन पर कोर्स, सरकार से गोबरगैस गोशालाओं की मांग, स्टार्टअप,फार्मेसी पर बना प्लान, छात्रों के हित में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले, देखें पूरी खबर
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार मिश्र ने विश्वविद्यालय से जुड़ी आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी और बताया कि नई शिक्षा नीति का मकसद है कि विद्यार्थी सिर्फ डिग्री लेकर नौकरी की तलाश न करे बल्कि अपने पढ़ाई के ज्ञान का उपयोग कर खुद उद्यमी बने।
इसी बात को ध्यान में रखते विश्वविद्यालय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन वाटर वेस्ट मैनेजमेंट कोर्स शुरू करने जा रहा है। इसके तहत बीटेक, एमटेक और पीएचडी सहित वोकेशनल कोर्स भी रहेगा, जिससे कि छात्र विशेषज्ञता हासिल कर सके क्योंकि पूरी दुनिया के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौती जल को लेकर है। भूजल के अंधाधुंध दोहन और जलस्रोतों के खत्म होने से पानी की कमी हो रही है। ऐसे में छात्र इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर जल उद्यमी बन समाज और देश के लिए अपना योगदान दे सकेंगे।
सरकार से मांगी दो गोबरगैस गोशालाएं
इस मौके पर कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने सरकार से एक दो गोबरगैस गोशालाएं देने का अनुरोध किया है जिससे कि उन्नत तकनीक का प्रयोग कर बनाकर उसे दिया जाए। बताया कि फिलहाल प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का सबसे ज्यादा ध्यान उद्यमिता और नवाचार पर है। विश्वविद्यालय का इनोवेशन हब पूरे प्रदेश में इनोवेशन और स्टार्टअप के लिए कार्य कर रहा है। फिलहाल प्रदेश के 15 इंजीनियरिंग कॉलेजों में इन्क्युबेटर बनाने की शुरूआत हो गयी है और उनमें से करीब 11 को मान्यता भी मिल गयी है।
148 स्टार्टअप को आगे बढ़ाने का किया जा रहा है काम
वहीं प्राइवेट कॉलेजों में 148 स्टार्टअप को आगे बढ़ाने का कार्य इनोवेशन हब की ओर से किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश में उद्यमिता और नवाचार के प्रति लोग तेजी से उन्मुख हों। स्टार्टअप और नये आइडिया के लिए सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्र ही नहीं बल्कि समाज के जो लोग कुछ नया कर रहे हैं उन्हें प्रोत्साहन और मदद की जाएगी।
जोड़ा जा रहा है पूर्व छात्रों को
विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के लिए एलुमनाई को जोड़ा जा रहा है। उनके जरिये कंपनियों को प्लेसमेंट के लिए विश्वविद्यालय में आमंत्रित करने की शुरूआत हो चुकी है। छात्राओं के लिए विशेष तौर पर मल्टीनेशनल कंपनी प्लेसमेंट कर रही है। जिन्हें 15 लाख के पैकेज पर नौकरी मिलेगी। विश्वविद्यालय इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फॉर्मेसी एंड बायोइंजीनियरिंग को स्थापित करने में लगी है, जिससे कि प्रदेश में फॉर्मेसी के तमाम अवसर उपलब्ध हो सकें।
काउंसलिंग के लिए 31 अगस्त तक शुरू होगा पंजीकरण
इस मौके पर जानकारी दी गई कि नई शिक्षा नीति के तहत उन छात्रों को सहूलियत देने का प्रयास किया जा रहा है जो कई सालों से एक ही विषय में फेल हो रहे हैं। ऐसे छात्रों के लिए कुछ विशेष समाजोमुखी विषय रहेंगे जिन्हें वह देकर आगे बढ़ सकेगा। परीक्षाएं समय से करायी जा रही हैं। वहीं, विभिन्न कोर्स में काउंसलिंग के लिए 31 अगस्त से पंजीकरण शुरू हो जाएगा।
बाहरी बच्चे भी इस्तेमाल कर सकेंगे पुस्तकालय, नैक के लिए अक्टूबर में किया जाएगा आवेदन
विश्वविद्यालय सिर्फ अपने छात्रों तक सीमित नहीं रहना चाहता। यहां के पुस्तकालय और विश्वस्तरीय प्रयोगशालाओं का बाहरी बच्चे भी प्रयोग कर सकेंगे। विश्वविद्यालय से कॉलेजों के संबद्धता का जिक्र करते हुए बताया कि पारदर्शिता और सुचिता लाने के लिए सारी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है। वहीं, नैक तैयारियों को लेकर कहा कि काफी कुछ किया जा चुका है। डाटा को जोड़ा जा रहा है उम्मीद है कि अक्टूबर में नैक के लिए आवेदन करेंगे। बैठक में कुलसचिव सचिन सिंह, वित्त अधिकारी जीपी सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. अनुराग त्रिपाठी, कैश के निदेशक प्रो. एमके दत्ता, उपकुलसचिव डॉ. आरके सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।