UP News: रेप पीड़िता के परिवार को दिया चेक बाउंस होने के मामले में फजीहत झेल रही कांग्रेस ने दी सफाई, कहा ये राजनीतिक षडयंत्र है, मामला दर्ज, देखें क्या कहा नकुल दुबे ने

November 26, 2022 by No Comments

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लखनऊ। रेप पीड़िता के परिवार को दिया चेक बाउंस होने के मामले में कांग्रेस जमकर फजीहत झेल रही है। जहां एक ओर अन्य राजनीतिक दल कांग्रेस को झूठा बता रहे हैं तो वहीं पीड़ित पक्ष ने कांग्रेस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा कर अलग ही प्रश्न चिह्न लगा दिया है। तो वहीं इस पूरे मामले में सफाई देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रांतीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने इसे राजनीतिक षडयंत्र बताया है।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रांतीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री नकुल दुबे ने लखीमपुर रेप पीड़िता परिवार के सदस्य मुनेश कुमार पुत्र रामपाल द्वारा कराई गई एफआईआर को राजनीतिक दबाव किया गया अमानवीय कृत्य बताया है। जो पूरी तरीके से राजनीतिक षड्यंत्र और जल्दबाजी का नतीजा है। नकुल दुबे ने प्रेस वार्ता द्वारा पूरे प्रकरण की वस्तु स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि चेक रिटर्न होने की जानकारी होने पर पीड़ित परिवार से प्रदेश कांग्रेस के जिम्मेदार लोगों ने लगातार संपर्क किया और पूरे पीड़ित परिवार से प्रकरण को लेकर आम सहमति थी। प्रदेश कांग्रेस ने उसे पार्टी स्तर पर पुनः दूसरा चेक देने को भी कहा, इसके साथ ही बैंक द्वारा रिटर्न मेमो संख्या 5 के अनुसार पुनः चेक जमा करने को भी खाताधारक पीड़ित परिवार को बोला गया था।

दुबे ने आगे बताया कि आज चौथा शनिवार, कल रविवार तथा सोमवार को भी बैंक अवकाश होने का बगैर ख्याल करें पुलिस ने राजनीतिक दबाव और षड्यंत्र के तहत पार्टी की छवि खराब करने के लिए जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज किया है। 20 अक्टूबर 2022 को ही चेक में हस्ताक्षर त्रुटि और मिलान की बात स्पष्ट हो चुकी थी।

उसी दिन खाताधारक पीड़ित परिवार को इसकी जानकारी बैंक ने दे दी थी और बैंक ने पुनः चेक जमा करने को भी कहा था लेकिन पीड़ित खाताधारक परिवार ने इसकी सूचना प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को ना दे करके, विपक्षियों की राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार होना शुरु कर दिया। इसके साथ ही राजनैतिक दबाव को महसूस करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को प्रार्थना पत्र भी दे दिया, जहां राजनीतिक षड्यंत्र के तहत आनन-फानन में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करे बगैर एफआईआर दर्ज भी हो गई।

इसी के साथ नकुल ने मीडिया को ये भी जानकारी दी कि पीड़ित परिवार के सदस्यों से 25.11.2022 को लगभग दोपहर 2ः00 बजे बात होने के उपरांत लगभग 4ः30 पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। जबकि पीड़ित परिवार बातचीत के दौरान संतुष्ट था कि चेक वापस कर दे और अपनी बैंक डिटेल दे दे तो उन्हें प्रदेश कांग्रेस द्वारा 29 नवंबर को आरटीजीएस करा दिया जाएगा। परंतु किसी न किसी राजनैतिक दबाव के चलते 4ः30 बजे लगभग 2 घंटे बाद ही एफआईआर दर्ज कराना एक राजनीतिक षड्यंत्र दिखाई पड़ता है। दुबे ने कहा हमारी नीयत पीड़ित परिवार को मरहम की तौर पर एक छोटी सी मदद थी। समूचे उत्तर प्रदेश में महिला हिंसा और अपराध चरम पर है। भुक्तभोगी और पीड़ितों द्वारा लगातार थानों के चक्कर काटने के बाद भी एफआईआर ही नहीं दर्ज की जाती है। परंतु रेप पीड़िता की मदद करने वाले राजनैतिक लोगों के खिलाफ बिना प्रकरण की जांच किए बगैर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में अत्यधिक तत्परता दिखाई है। जिसका कानूनी तौर पर जवाब दिया जाएगा।

जानें क्या है मामला
बता दें कि उत्तर प्रदेश लखीमपुर खीरी जिले में मृतक रेप पीड़िता के परिजनों को मदद के तौर पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से 2 लाख रुपये का चेक दिया गया था। बीते 14 सितंबर को सगी दो बहनों से रेप के बाद मर्डर मामले में परिजनों को सहायता राशि के नाम पर कांग्रेस ने 2 लाख और नवनिर्माण सेना के अमित जानी ने एक लाख रुपये के चेक दिए थे। 64 दिन बाद जब पीड़ितों ने बैंक में चेक लगाया तो चेक साइन मिसमैच होने के चलते बाउंस हो गया।

इतना ही नहीं लगभग 4 हजार रुपए पेनाल्टी भी पीड़ित के खाते से कट गई। इस पर नाराज परिजनों ने पुलिस को तहरीर देते हुए चेक देने वालों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। तो पुलिस ने तहरीर मिलने पर चेक देने वाले लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। चेक बाउंस होने के मामले में पीड़ित परिजनों ने जिले के निघासन कोतवाली इलाके में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी के साथ पीड़ित परिवार ने कांग्रेस पर धोखाधड़ी का भी इल्जाम लगाया है। अपर पुलिस अधीक्षक एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने पुलिस को एक तहरीर दी है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस और एक अन्य व्यक्ति के द्वारा सहायता राशि के नाम पर चेक दिए गए थे। ये चेक बाउंस होने पर पीड़ित परिवार के बैंक खाते से 4 हजार रुपए कट गए। परिजनों ने चेक देने वाले लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर मिलने पर मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले कार्रवाई शुरू कर दी है।