UP:उत्तर प्रदेश में प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक वकीलों में हड़कम्प, योगी सरकार ने 841 सरकारी वकीलों को बर्खास्त करने के बाद 586 नए वकीलों की किया नियुक्ति
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सुबह से ही वकीलों के बीच प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक हड़कम्प मचा हुआ है। योगी सरकार ने 841 सरकारी वकीलों को बर्खास्त कर उनकी जगह पर 586 नए वकीलों को तैनात किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से साफ जाहिर होता है कि वह प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहते हैं।
इसी क्रम में योगी सरकार ने करीब 841 सरकारी वकीलों को बर्खास्त करके एक बार फिर सख्त कार्रवाई का संदेश दे दिया है। प्रयागराज से लेकर लखनऊ तक इस बर्खास्ती से हाहाकार मच गया है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक यूपी सरकार ने 841 राज्य विधि अधिकारियों यानी सरकारी वकीलों को हटाया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में नियुक्त किए गए सरकारी वकीलों की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। यूपी सरकार के विधि एवं न्याय विभाग के विशेष सचिव निकुंज मित्तल की तरफ से आदेश जारी किया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की प्रधान पीठ से 505 राज्य विधि अधिकारी हटाए गए हैं। वहीं, हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से 336 सरकारी वकीलों की छुट्टी कर दी गई है।
इस आदेश के कुछ ही घंटे बाद सरकार ने 586 राज्य विधि अधिकारी अर्थात सरकारी वकीलों की नियुक्ति भी कर दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही दूसरी लिस्ट भी आ सकती है। प्रयागराज में हाईकोर्ट की प्रधान पीठ व लखनऊ बेंच में मिलाकर 586 सरकारी वकीलों की नियुक्ति हुई है। इनमें प्रयागराज की प्रधान पीठ में 366 राज्य विधि अधिकारी नियुक्त किए गए, जबकि लखनऊ बेंच में 220 सरकारी वकीलों की नियुक्ति की गई है। विधि एवं न्याय विभाग के विशेष सचिव निकुंज मित्तल की तरफ से ये नियुक्ति आदेश जारी किया गया है।