UP Police: रेप मामले के घूसखोर डिप्टी SP को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिर से बना दिया दरोगा, अब फिर से इसी पद पर आने के लिए लगेंगे 12 साल, देखें वायरल वीडियो
उत्तर प्रदेश (यूपी) की योगी सरकार ने रिश्वतखोरी के मामले में एक बड़ा एक्शन लेते हुए ऐसा फैसला दिया है कि लोग चौंकने के लिए मजबूर हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिप्टी एसपी को डिमोशन करते हुए फिर से दरोगा बना दिया है। यह मामला जालौन जिले की पीटीसी ब्रांच में तैनात डिप्टी एसपी विद्या किशोर शर्मा को लेकर सामने आया है। पिछले साल शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे झोले में नोटों के बंडल लेते दिखाई दे रहे हैं।
मीडिया सूत्रों के मुताबिक वीडियो उस समय का है जब वे रामपुर में डिप्टी एसपी (सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस) पद पर तैनात थे। आरोप लगे कि गैंगरेप के एक मामले को रफा-दफा करने के लिए उन्होंने 5 लाख रुपए रिश्वत ली। जांच में आरोप सही पाए गए। CM योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करके विद्या किशोर शर्मा का डिमोशन करने की जानकारी दी है।
जाने क्या था मामला
रामपुर की एक महिला ने 9 सितंबर 2021 को आरोप लगाया था कि अस्पताल संचालक विनोद यादव और तत्कालीन इंस्पेक्टर रामवीर यादव ने उसके साथ गैंगरेप किया। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी। बाद में रामपुर के डिप्टी एसपी विद्या किशोर शर्मा का घूस लेते हुए वीडियो सामने आया। जब वीडियो वायरल हुआ तो आरोपी इंस्पेक्टर रामवीर यादव और अस्पताल संचालक विनोद यादव पर FIR दर्ज की गई थी।
दिसंबर 2021 में किया गया था सस्पेंड
वीडियो सामने आने के बाद दिसंबर 2021 में विद्या किशोर शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद उसे DGP ऑफिस अटैच कर दिया गया था। शासन के आदेश पर मामले की जांच ASP मुरादाबाद को सौंपी गई। जांच में विद्या किशोर शर्मा पर घूस लेने के आरोप सही पाए गए। इसके बाद उनका डिमोशन किया गया।
जानें किसने की थी शिकायत
बता दें कि विद्या किशोर शर्मा के खिलाफ RTI कार्यकर्ता दानिश खां ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी और इसी के साथ खां ने केंद्रीय सतकर्ता आयोग में भी शिकायत की थी। मालूम हो कि रामपुर में दो साल तक तैनाती के दौरान विद्या किशोर शर्मा हमेशा चर्चा में रहा। 5 लाख रुपए घूस लेने के मामले में उसे सस्पेंड किया गया था।
अब फिर से डिप्टी एसपी बनने में लग सकते हैं 12 साल
मीडिया सूत्रों के मुताबिक शर्मा ने दरोगा पद से पुलिस फोर्स जॉइन की थी। अभी वे सस्पेंड हैं। अब जब भी उनका सस्पेंशन वापस लिया जाएगा तो दरोगा पद पर उनकी तैनाती होगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शर्मा को वापस दरोगा से डिप्टी एसपी बनने में 10 से 12 साल का वक्त लग सकता है।
यूपी में पहले भी डिप्टी एसपी का हुआ है डिमोशन
यूपी में पुलिस फोर्स में डिमोशन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले, होटल में महिला कॉन्स्टेबल के साथ रंगरलियां मनाने वाले डिप्टी एसपी कृपाशंकर कन्नौजिया का भी डिमोशन हुआ था। यह मामला 8 जुलाई 2021 का है। कन्नौजिया उन्नाव में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात थे। उन्होंने घर जाने के लिए तीन दिन की छुट्टी ली लेकिन वे अपने घर नहीं पहुंचे। उनकी पत्नी ने एसपी से शिकायत की। कन्नौजिया की लोकेशन निकलवाई तो पता चला कि वे कानपुर में माल रोड के एक होटल में हैं। पुलिस होटल पहुंची तो वहां डिप्टी SP और महिला कॉन्स्टेबल के नाम पर कमरा बुक था। यहां दोनों रंगरलियां मना रहे थे। इसके बाद दोनों को सस्पेंड कर दिया गया था। बाद में डिप्टी SP का डिमोशन कर इंस्पेक्टर बना दिया गया था। (फोटो सोशल मीडिया)
यहां देखें वीडियो