Amla Navami 2022: आंवला नवमी पर मंगल ग्रह शांति और शनि दोष के लिए करें ये उपाय, इन 10 टिप्स से करें जीवन की समस्याओं को खत्म, प्रसन्न होंगी लक्ष्मीजी, देखें पूजन शुभ मुहूर्त

November 2, 2022 by No Comments

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आंवला नवमी विशेष। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी का पर्व मनाया जाता है जो इस साल 2 नवंबर 2022 बुधवार को आंवला अर्थात अक्षय नवमी मनाई जाएगी। मान्‍यता है कि इसी दिन भगवान कृष्‍ण ने गोकुल और वृंदावन की गलियों को छोड़कर मथुरा प्रस्‍थान किया था। इस दिन व्रत रखकर पूजा और दान पुण्‍य करने का विशेष महत्‍व माना गया है। इसी दिन वृंदावन में पंचकोसी परिक्रमा आरंभ होती है।

आचार्य पं. रवि शास्त्री के अनुसार, आंवले को साक्षात श्रीहरि का स्‍वरूप माना गया है और आंवला नवमी पर आंवले की पूजा करने से भगवान विष्णु भक्‍तों की सभी गलतियों को क्षमा कर देते हैं और मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होकर हमें सदैव सुखी और संपन्‍न रहने का आशीर्वाद देती हैं। आंवले के पेड़ में भगवान विष्‍णु समेत समस्‍त देवी और देवताओं का वास होता है। इस पेड़ की पूजा करने और उसके नीचे बैठकर भोजन करने से विवाह, संतान, दांपत्य जीवन से संबंधित समस्या खत्म हो जाती है। पद्म पुराण में यह भी बताया गया है कि आंवले की पूजा करने से गौ दान करने जैसा पुण्‍य प्राप्‍त होता है और मां लक्ष्‍मी भी प्रसन्‍न होती हैं।

अक्षय नवमी का शुभ मुहूर्त
अक्षय नवमी तिथि का आरंभ : 1 नवंबर 2022 को रात 11 बजकर 4 मिनट से
अक्षय नवमी तिथि का समापन : 2 नवंबर 2022 को रात 9 बजकर 9 मिनट पर होगा (ब्रह्मावैवर्तपुराण के वचन के अनुसार, अष्टमी विद्धा नवमी ग्रहण करना चाहिये। दशमी विद्धा नवमी त्याज्य है।)

करें ये सरल उपाय जीवन की कठिनाइयां होंगी कम

आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि अक्षय (आंवला) नवमी के दिन अपने स्नान करने के लिए गए जल में आवंला के रस की कुछ बूंदे डालें। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा तो जाएगी ही साथ ही माता लक्ष्मी भी घर में विराजमान होंगी।

आंवला नवमी के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से देवी लक्ष्मी अत्यंत प्रसन्न हो घर में सदा के लिए वास करती है।

आंवला नवमी के दिन शाम के समय घर के ईशान कोण में घी का दीपक प्रज्जवलित करें। बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें। संभव हो तो दीपक में केसर भी डाल दें। इससे देवी जल्द प्रसन्न हो कृपा करेंगी।

किसी दिव्यांग व्यक्ति जो कि पैर से विकलांग हो, को काले वस्त्र और मिठाई दान करें। इस दिन दान देने से देवी दानी के घर में वास करती है। साथ ही उसे अचल सम्पत्ति का वरदान भी देती है।

5 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाएं। सभी कन्याओं को पीला वस्त्र व दक्षिणा देकर विदा करें। इससे माता लक्ष्मी जी बहुत प्रसन्न होती हैं। अपने भक्तों पर कृपा बरसाती है।

श्रीयंत्र का गाय के दूध के अभिषेक करें। अभिषेक का जल की छींटे पूरे घर में करें। श्रीयंत्र पर कमलगट्टे के साथ तिजोरी में पर रख दें। इससे अवश्य धन लाभ होता है।

श्यामा गाय की सेवा कर उन्हें हरा चारा खिलाएं। मान्यता है कि गौ माता में सभी देवी- देवताओं का वास होता है इसलिए उनकी सेवा करने से देवी जल्द ही प्रसन्न होती है। और घर में धन वर्षा करती है।

अगर आपकी कुंडली में शनि दोष है तो अक्षय नवमी के दिन से आरंभ कर 41 दिन लगातार लाल मसूर की दाल की कच्ची रोटी बनाकर मछलियों को खिलाएं इससे मंगल ग्रह मजबूत होता है कर्ज अथवा भूमि जायदाद संबंधित समस्या में कमी आती है साथ ही माता महालक्ष्मी की कृपा भी बरसती है।

मंगल ग्रह शांति के लिए ब्राह्मणों एवं गरीबों को गुड़ मिश्रित दूध या चावल खिलाएं।

नवमी तिथि की स्वामी देवी दुर्गा हैं ऎसे में जातक को दुर्गा की उपासना अवश्य करनी चाहिए। जीवन में यदि कोई संकट है अथवा किसी प्रकार की अड़चनें आने से काम नही हो पा रहा है तो जातक को चाहिए की दुर्गा सप्तशती के पाठ को करे और मां दुर्गा से अपने जीवन में आने वाले संकटों को हरने की प्रार्थना करे।

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)