अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ को गैरकानूनी बताया…भारत का पहला रिएक्शन आया सामने
US Supreme Court on Donald Trump’s Tariff;Indias First Reaction: अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ के चक्कर में अपने यहां के सुप्रीम कोर्ट से ही जमकर फटकार मिल गई है तो वहीं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने भारत सहित अन्य देशों पर लगाए गए अनाप-शनाप टैरिफ को गैरकानूनी बता दिया है. इस मामले में भारत सरकार की ओर से पहली बार रिएक्शन सामने आया है.
बता दें कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले को रद्द कर दिया है जिसमें उन्होंने अपनी बात मनवाने के लिए दुनिया के कई देशों पर भारी टैरिफ लगाया है. इस पूरे मामले पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का बयान सामने आया है और उन्होंने कहा कि कल टैरिफ पर यूएस के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर हमने ध्यान दिया. वहां के राष्ट्रपति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी इस मुद्दे पर की है. तो इसी के साथ ही वहां के प्रशासन ने कुछ फैसले भी लिए हैं. फिलहाल हम इस पर गहन अध्ययन कर रहे हैं.
इस मामले पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का भी बयान सामने आया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा है, मैंने मीडिया में पढ़ा कि अमेरिका की शीर्ष अदालत ने इस मामले में एक आदेश जारी किया है. फिलहाल भारत सरकार उसका अध्ययन करेगी. वह आगे बोले कि किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देना पड़ी तो दी जाएगी. वैसे इस पूरे मामले को वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय देख रहे हैं. इसी के साथ ही इस मामले में उन्होंने किसी भी तरह टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.
ट्रंप ने की सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना
बता दें कि सोशल मीडिया पर इस सम्बंध में डोनाल्ड ट्रंप का बयान वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने अमेरीकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने इस बयान में कहा है कि यह एक बहुत बुरा फैसला है. यही नहीं ट्रंप ने 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 122 के अंतर्गत 10 परसेंट ग्लोबल टैरिफ लगाने की भी घोषणा की है जो कि 150 दिनों तक के लिए टेम्पररी इम्पोर्ट सरचार्ज की इजाजत देता है.
क्या कहा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने
कल यानी शुक्रवार को अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के अनाप-शनाप टैरिफ को गैरकानूनी बताया था और कहा कि ट्रंप प्रशासन ने 1977 में बने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल किया है. इसी के साथ ही ये भी कहा कि भारी इम्पोर्ट टैरिफ लगाकर अपनी शक्तियों को गलत इस्तेमाल किया गया है.
टैरिफ के इस फैसले को अमेरिका के चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने एमी कोनी बैरेट, जस्टिस नील गोरसच और तीन लिबरल जजों के साथ मिलकर सुनाया है. फैसले में कहा गया है कि IEEPA राष्ट्रपति के टैरिफ लगाने की अनुमति नहीं देता है. यह पॉवर संवैधानिक रूप से कांग्रेस को दी गई है. बता दें कि इस फैसले के पक्ष में छह, तो वहीं विरोध में तीन जज थे.
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