Bhasha University: दूरदर्शन दिवस पर दिखी इसकी ऐतिहासिक यात्रा… डिजिटल भविष्य पर हुआ संवाद

September 15, 2026 by No Comments

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Doordarshan Day in Bhasha University: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा दूरदर्शन दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो अजय तनेजा के सरंक्षण में किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राकेश निगम ने कहा कि दूरदर्शन केवल एक प्रसारण माध्यम नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय जीवन का महत्वपूर्ण दस्तावेज रहा है। दूरदर्शन ने देश के दूर-दराज क्षेत्रों तक सूचना, शिक्षा और मनोरंजन को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि टेलीविजन पत्रकारिता के विकास में दूरदर्शन का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है और आज की डिजिटल पीढ़ी को इसके इतिहास और सामाजिक सरोकारों को समझना चाहिए।

कार्यक्रम में डॉ. रुचिता चौधरी ने दूरदर्शन की पत्रकारिता, समाचार प्रस्तुति और जनसंचार के क्षेत्र में उसके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दूरदर्शन ने भारतीय दर्शकों को समाचारों के साथ-साथ शिक्षा, संस्कृति, कला और लोक परंपराओं से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि बदलते मीडिया परिवेश में पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक मीडिया के विकास को समझना आवश्यक है।

डॉ. शचीन्द्र शेखर ने कहा कि दूरदर्शन की यात्रा भारतीय मीडिया के विकास की यात्रा से जुड़ी हुई है। आज जब मीडिया तेजी से डिजिटल हो रहा है, तब दूरदर्शन ने भी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन उपस्थिति के माध्यम से स्वयं को नए समय के अनुरूप ढाला है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल दूरदर्शन पारंपरिक विश्वसनीयता और नई तकनीक के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य कर रहा है। सोशल मीडिया, ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दौर में भी विश्वसनीय एवं सार्वजनिक सेवा आधारित पत्रकारिता की आवश्यकता बनी हुई है।

डॉ. काज़िम रिज़वी ने दूरदर्शन के कार्यक्रमों और भारतीय जनजीवन पर उनके प्रभाव पर चर्चा करते हुए कहा कि दूरदर्शन ने विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और क्षेत्रों को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया। इसके कार्यक्रमों ने देश की विविधता को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने दूरदर्शन के इतिहास, समाचार प्रसारण, लोकप्रिय कार्यक्रमों तथा डिजिटल युग में दूरदर्शन की बदलती भूमिका पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे मीडिया के इतिहास को समझते हुए आधुनिक डिजिटल तकनीकों का रचनात्मक एवं जिम्मेदार उपयोग करें।

कार्यक्रम का संचालन नेहा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन राघवेंद्र ने दिया. कार्यक्रम में विभाग के सभी शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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