Akshaya Tritiya 2023: अक्षय तृतीया पर अक्षय फल पाने के लिए जरूर करें ये पांच कार्य, साल भर होती रहेगी धन की बारिश, सत्तू सहित इन 17 चीजों का करें दान

April 14, 2023 by No Comments

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Akshaya Tritiya 2023: वैशाख शुक्ल तृतीया को हिंदुओं का सबसे पवित्र त्योहार अक्षय तृतीया मनाया जाता है। इसे आखातीज भी कहते हैं। इस बार यह त्योहार 23 अप्रैल 2023 को मनाया जाएगा। इसी दिन ब्राह्मणों के भगवान परशुराम जी की जयंती भी मनाई जाती है. इसलिए इसी दिन ब्राह्मणों को दान अवश्य करना चाहिए। वैसे भी कहते हैं कि इस दिन का किया गया दान-पुण्य सब अक्षय हो जाता है। अर्थात दान-पुण्य का फल कभी भी नहीं मिटता। इस दिन पूरा दिन शुभ रहता है।

इन कार्यों को करने से मिलता है अक्षय फल
आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि वैशाख शुक्ल तृतीया की महिमा मत्स्य, स्कंद, भविष्य, नारद पुराणों व महाभारत आदि ग्रंथो में दी गई है। इस दिन किये गये पुण्यकर्म अक्षय (जिसका क्षय न हो, अर्थात जो नष्ट न हो) व अनंत फलदायी होते हैं, अत: इसे ‘अक्षय तृतीया’ कहते है। यह सर्व सौभाग्यप्रद है।

इस दिन बिना कोई शुभ मुहूर्त देखे कोई भी शुभ कार्य प्रारम्भ या सम्पन्न किया जा सकता है। जैसे – विवाह, गृह – प्रवेश या वस्त्र -आभूषण, घर, वाहन, भूखंड आदि की खरीददारी, कृषिकार्य का प्रारम्भ आदि सुख-समृद्धि प्रदायक है।

इस दिन सप्तधान्य के जल से स्नान पुण्यदायी है। पुष्प, धूप-दीप, चंदन अक्षत आदि से लक्ष्मी-नारायण का पूजन व अक्षत से हवन अक्षय फलदायी है।

इस दिन जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं। उनका बड़ा ही श्रेष्ठ फल मिलता है। इस दिन विवाह आदि मंगल कार्यों के लिए किसी भी मुहूर्त को देखने की जरूरत नहीं पड़ती। कहते हैं इस दिन जो विवाह होता है वह अटूट रहता है।

आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि इस दिन दिन गंगा स्नान और पूजन का बड़ा भारी माहात्म्य है, जो मनुष्य इस दिन गंगा में स्नान करता है, वह निश्चय ही सारे पापों से मुक्त हो जाता है।

इन वस्तुओं का अवश्य करें दान
आचार्य पंडित रवि शास्त्री बताते हैं कि, इस दिन स्वर्गीय आत्माओं की प्रसन्नता के लिए घड़ी, कलश, पंखा, छाता, चावल, दाल, नमक, घी, चीनी, साग, इमली, फल, वस्त्र, खड़ाऊं, सत्तू, ककड़ी, खरबूजा और दक्षिणा आदि का ब्राह्मणों को दान करना चाहिए। इसी के साथ इसके आस-पास पड़ने वाली मेष संक्रांति में ब्राह्मणों को चीनी या गुड़ के साथ सत्तू दान करना चाहिए। इसी के साथ सत्तू खाना भी चाहिए।

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)