Varuthini Ekadashi: यदि वरुथिनी एकादशी का नहीं रखा है व्रत तो…करें ये काम मिलेगा पुण्य-Video

April 13, 2026 by No Comments

Share News

Varuthini Ekadashi: वैशाख मास की कृष्ण पक्ष एकादशी को वरुथिनी एकादशी कहते हैं. आज यानी 13 अप्रैल को ये एकादशी देश के तमाम हिस्सों में मनाई जा रही है. मान्यता है कि इस दिन सुपात्र ब्राह्मण को दान देने से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार के पाप कट जाते हैं और स्वर्ग की प्राप्ति होती है.

इस दिन अधिकांश महिलाएं व्रत रखकर भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना करती हैं. तो वहीं तमाम सनातन धर्म की तमाम महिलाएं ऐसी हैं जो किसी वजह से इस दिन व्रत नहीं कर पाती. अगर आप इस दिन व्रत नहीं कर सकती तो भी कोई बात नहीं. अगर इस एकादशी का पुण्य प्राप्त करना है तो इस दिन नीचे दिए गए पांच नियमों को मानें और दिन भर राधे-कृष्ण का मन में जप करते रहें. मान्यता है कि वरुथिनी एकादशी केवल एक व्रत नहीं बल्कि आत्मशुद्धि करने का एक महत्वपूर्ण दिन है.

एकादशी के दिन प्याज, लहसुन का त्याग करें और केवल सात्विक भोजन करें. साथ ही मांसाहार और नशीली वस्तुओं को भी पूरी तरह से एकादशी पर प्रतिबंधित करें.

इस दिन बाल न काटें और न ही धोएं. हालांकि किसी भी एकादशी पर बाल काटना या नाखून काटना शुभ नहीं माना जाता. हो सके तो रोजमर्रा के छोड़कर कपड़े धोने जैसे कार्यों से बचें.

इस दिन क्रोध, विवाद और नकारात्मक विचारों से बचें और सकारात्मक ऊर्जा खुद में भरें. मन को शांत और पवित्र रखें।

अगर व्रत नहीं है फिर भी इस दिन भगवान विष्णु की पूजा कर, भजन-कीर्तन और मंत्र जाप करें. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना इस व्रत में अत्यंत फलदायी माना गया है.

इस दिन जरूरतमंदों का सहयोग करना चाहिए. गरीबों को भोजन कराना या अपनी सामर्थ्य अनुसार दान देना पुण्यकारी माना गया है.

प्रेमानन्द महाराज ने जानें क्या कहा है?

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने भी अपने प्रवचनों के दौरान एकादशी व्रत का महत्व कई बार बताया है और कहा है कि यह व्रत जीवन में सुख-शांति, धन और सौभाग्य लाने वाला है. जो लोग नियमित रूप से एकादशी व्रत का पालन करते हैं. उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं।

ये भी पढ़ें-Varuthini Ekadashi: वरुथिनी एकादशी पर भूल कर भी न करें ये काम…पढ़ें राजा-भालू की कथा