Noida News: सैलरी को लेकर कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन…पुलिस को दागने पड़े आंसू गैस के गोले-Video

April 13, 2026 by No Comments

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Noida News: उत्तर प्रदेश के नोएडा से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां फेज-2 में सैलरी की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन जारी है लेकिन इसी दौरान हिंसक झड़प होने के कारण पुलिस और मजदूरों के बीच जमकर झड़प हो गई. आरोप है कि क्रोधित कर्मचारियों ने पुलिस पर पथराव किया. साथ ही तोड़फोड़ भी की. उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

इस घटना को लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह कर्मचारियों और पुलिस में बड़ी झड़प छिड़ी हुई है. तो वहीं बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सड़क जाम कर दिया जिससे घंटों लोग जाम में फंसे रहे.

बता दें कि आज यानी सोमवार की सुबह करीब 9.30 बजे एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी बड़ी संख्या में सड़क पर एकत्र हो गए और वेतन की मांग करने लगे. इसी दौरान पुलिस से नोकझोंक हो गई और फिर इसके बाद प्रदर्शन कंट्रोल से बाहर होने लगा. इस पर भीड़ को वहां से तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया तो हंगामा और बढ़ गया.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कर्मचारी पुलिस पर पत्थर फेंक रहे हैं और पुलिस की गाड़ी को भी सड़क पर पलट रहे हैं तो वहीं पुलिस अपना बचाव करती दिख रही है. भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े गए.

बवाल को लेकर पुलिस ने बताया कि हजारों श्रमिक सड़क पर उतर कर बवाल कर रहे हैं. सेक्टर-1 में जहां श्रमिकों ने गाड़ियों में आग लगा दी और पुलिस की 2 गाड़ियों को भी पलट कर आग लगा दी गई. सेक्टर-62 में भी प्रदर्शन शुरू हुआ.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 3 दिन से मजदूर सैलरी में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे. ये मांग लेबर एक्ट के तहत की जा रही थी. दरअसल हाल ही में लेबर एक्ट के तहर सैलरी में बढ़ोतरी की गई है. इसी की मांग मजदूर कर रहे थे. तीन दिन से मजदूरों को समझाने का काम किया जा रहा था लेकिन आज उनके प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. तो वहीं उग्र प्रदर्शन के बाद डीएम और पुलिस अधिकारी लगातार उनको समझा रहे हैं तो वहीं पिछले तीन दिन से भी आश्वासन दिया जा रहा था कि वेतन से जुड़ी सभी समस्याएं सुलझा ली जाएंगी, लेकिन कल जब डीएम के साथ पुलिस कमिश्नर और नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के बीच बातचीत हुई तो उसी समय मजदूरों में असहमति देखने को मिली थी.

बता दें कि कंपनियां यहां पर कर्मचारियों से 9-10 हजार में 10-10 घंटे काम कराती हैं लेकिन सैलरी नहीं बढ़ा रही हैं. सोशल मीडिया पर कर्मचारियों के बयान वायरल हो रहे हैं जिसमें उनका कहना है कि 11 हजार सैलरी है लेकिन 4 हजार का सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है. कहां  से रहने के लिए किराया दें और बच्चों को कैसे पढ़ाएं. तो वही एक अन्य का कहना है कि नेता और विधायकों, सांसदों के ऐशो-आराम में कोई कटौती नहीं होती केवल कर्मचारियों को ही क्यों परेशान किया जाता है. हम काम भी करते हैं और सैलरी भी हमें उतनी नहीं मिलती कि हम दो वक्त की रोटी खा सकें और बच्चों को पढ़ा सकें.

विरोध प्रदर्शन में गारमेंट एक्सपोर्ट की करीब 10 कंपनियों के हजारों कर्मचारी शामिल हैं. इनका सालाना इंक्रीमेंट इस बार 250 से 350 रुपए हुआ है। ये न्यूनतम वेतन 18–20 हजार रुपए चाहते हैं और इसी की मांग कर रहे हैं. एक कर्मचारी महिला ने कहा कि 10-10 घंटे काम कराने के बाद केवल 12 हजार रुपए दिए जाते हैं जबकि कम से कम 30 हजार सैलरी होनी चाहिए. इस महंगाई में आप ही बताए कि कैसे 12 हजार में खर्च पूरा हो.

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