Vaman Jayanti-2022: सात सितम्बर को है वामन द्वादशी, दैत्यराज बलि से देवताओं की रक्षा के लिए देवमाता अदिति के गर्भ से भगवान विष्णु ने लिया था वामन अवतार, जानें पूजन विधि और देखें वामन कथा

September 6, 2022 by No Comments

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वामन जयंती स्पेशल। भाद्रपद शुक्ल द्वादशी को वामन द्वादशी कहते हैं। इस बार यह द्वादशी 7 सितम्बर 2022 को पड़ रही है। ऐसी मान्यता है कि अगर इस दिन श्रावण नक्षत्र हो तो बड़ी ही शुभ होता है।

इस तिथि को बड़ा ही पुण्यदायी समझा गया है। इस दिन व्रत करके भगवान वामन की स्वर्ण या यज्ञोपवीत की प्रतिमा स्थापित करके फल-फूल चढाएं तथा उपवास करें। वामन द्वादशी के दिन ही भगवान श्री हरि विष्णु ने वामन अवतार लिया था। ताकि दानवों के राजा बलि का अहंकार दूर करके उससे देवताओं की रक्षा की जा सके। इसीलिए इस तिथि पर भगवान श्री हरि विष्णु के वामन अवतार की पूजा मंदिरों व घरों में की जाती है। देश के कई हिस्सों में वामन मेले का भी आयोजन किया जाता है।

पूजन विधि
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि वामन भगवान की मूर्ती के सामने 52 पेड़े और 52 दक्षिणा रखकर भोग लगाएं। फिर एक डलिया में उसे रखकर एक कटोरी चीनी, एक कटोरी दही, एक कटोरी चावल, एक कटोरी शर्बत ब्राह्मण को दान कर दक्षिणा दें। इसके बाद व्रत का पारण करें। सनातन धर्म में मान्यता है कि इस तरह वामन द्वादशी का विधिपूर्वक व्रत करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

पूजा का मंत्र
देवेश्वराय देवाय, देव संभूति कारिणे। प्रभवे सर्व देवानां वामनाय नमो नम:।।

पढ़ें कथा

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)