Deepawali-2022: मंत्र सिद्धि की रात्रि है दीपावली की रात, प्रसन्न करने के लिए लक्ष्मीजी को लगाएं इन चीजों का भोग, इन 4 मंत्रों की डालें आहुति, पढ़ें कथा, देखें पूजन शुभ मुहूर्त, पूरी खबर पढ़ें केवल प्वाइंट्स में

October 24, 2022 by No Comments

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दीपावली विशेष। कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या को दीपावली (लक्ष्मी पूजन) का त्योहार सनातन धर्म में मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 24 अक्टूबर दिन सोमवार अर्थात आज है। आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि दीपावली की रात्रि मंत्र सिद्धि की रात्रि होती है। इसलिए इस रात अगर अधिक से अधिक मंत्रों का जाप किया जाए तो जीवन के तमाम कष्टों से मुक्ति मिल सकती है।

व्रत पर्व विवरण
दीपावली प्रदोषकाल में लक्ष्मी कुबेर पूजन। हनुमतजयंती।

विशेष
अमावस्या और व्रत के दिन तिल का तेल खाना व लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त
प्रदोष काल – सायं 04:50 से 06:20 तक
वृषलग्न का काल- सायं 06:58 से 08:54 तक
सिंह लग्न का काल- रात्रि 01:25 से 03:39 तक
व्यापारिक प्रतिष्ठान, शोरूम, दुकान, गद्दी की पूजा, कुर्सी की पूजा, गल्ले की पूजा, तुला पूजा, मशीन-कंप्यूटर, कलम-दवात आदि की पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त अभिजित काल-मध्यान्ह 11:30 से ही आरम्भ हो जाएगा।

दीपावली के दिन ये कार्य करें
दीपावली के दिन अपने घर के बाहर सरसों के तेल का दिया जलाएं, इससे गृहलक्ष्मी बढ़ती है।

दीपावली की रात प्रसन्नतापूर्वक सोना चाहिये।

थोड़ी खीर कटोरी में डाल के और नारियल लेकर के घूमना और मन में “लक्ष्मी- नारायण” जप करना और खीर ऐसी जगह रखना जहाँ किसी का पैर ना पड़े और गाये, कौए आदि खा जाएँ और नारियल अपने घर के मुख्य द्वार पर फोड़ देना और इसकी प्रसाद बाँटना। इससे घर में आनंद और सुख -शांति रहेगी।

दीपावली के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर नीम व अशोक व आम के पत्तों का तोरण लगाना चाहिए , इससे एक दूसरे से फैलने वाले रोग की प्रतिरोधक शक्ति बढेगी।

दीपावली के दिन अगर घर के लोग गाय के गोबर के जलते हुए कंडे पर 5-5 आहुतियाँ डालते हैं, तो उससे घर में आर्थिक वृद्धि होती है। घी, गुड़, चन्दन चूरा, देशी कपूर, गूगल, चावल, जौ और तिल से 5-5 आहुति इन मंत्र को पढ़कर डालें-

ॐ स्थान देवताभ्यो नमः।
ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः।
ॐ कुल देवताभ्यो नमः ।

फिर 5 आहुति लक्ष्मीजी के लिए ये मंत्र बोलकर डालें
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।

दीपावली की रात मंत्र सिद्धि
दीपावली की रात जप, ध्यान,करने से मंत्र सिद्ध होता है।
लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने के लिए उनके अलग-अलग तरह के भोग भी लगाए जाते हैं। इन वस्तुओं को दीपावली पर मां लक्ष्मी के भोग में शामिल कर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

फलों में आप लक्ष्मी जी की पूजा में सिघाड़ा,अनार, श्रीफल अर्पित कर सकते हैं। दीपावली की पूजा में सीताफल को भी रखा जाता है। इसके अलावा दीपावली की पूजा में कुछ लोग ईख भी रखते हैं। सिंघाड़ा भी नदी के किनारे पाया जाता है इसलिए मां लक्ष्मी को सिंघाड़ा भी बहुत प्रिय है। मिष्ठान में मां लक्ष्मी को केसर, चावल की खीर जिसमें केसर पड़ा हो, हलवा आदि भी बहुत पसंद हैं।

इसके साथ ही बेसन के लड्डू यानी पीले रंग की मिठाई भी मां लक्ष्मी को अर्पित की जा सकती हैं। वहीं माता लक्ष्मी को किशमिश, मखाने और काजू जैसे नेवैद्य भी अर्पित करने चाहिए।मां लक्ष्मी की तस्वीर या मूर्ति पर मोगरे का इत्र अर्पित करें।

मां लक्ष्मी को केवड़े का इत्र अर्पित करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।माता को चंदन का इत्र चढ़ाने से भाग्य में वृद्धि होने लगती है।

दीपावली पूजन में विशेष
कार्तिक अमावस्या के दिन दीपावली का पर्व मनाया जाता है,इस दिन भगवान गणेश के साथ महालक्ष्मी की भी पूजा की जाती है और उनका आह्वान भी किया जाता है। दीपावली की रात सभी साधनाओं के लिए सर्वाधिक उपयुक्त माना गया है। अमावस्या की इस रात को माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं।

दीपावली की रात लक्ष्मी पूजा के समय 9 गोमती चक्र और पीली कौड़ी माता के पास रख दें। फिर उनको लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से वर्षभर घर में सृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। साथ ही मां लक्ष्मी की आशीर्वाद से कभी भी पैसों की कमी नहीं होती है।

अगर आपको लगातार आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है तो दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन के साथ 11 अभिमंत्रित गोमती चक्रों को हल्दी से तिलक लगाएं और उनकी भी पूजा करें। इसके बाद अगली अमावस्या को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें। इसके बाद आपको लाभ शुरू हो जाएगा।

दीपावली की रात 5 साबुत सुपारी, काली हल्‍दी और 5 कौड़ी लेकर गंगाजल से धोकर लाल कपड़े में बांधकर दीपावली पूजन के समय चांदी की कटोरी या थाली में रखकर पूजन करें। इसके बाद अगले दिन सुबह सारा सामान धन रखने वाली जगह पर रख दें। ऐसा करने से हमेशा मां लक्ष्‍मी आपके घर रहेंगी।

दुकानदार और कारोबारी दीपावली की रात एक साबुत फिटकरी का टुकड़ा लें। टुकड़े को दुकान के चारों तरफ घुमाएं और किसी चौराहे पर जाकर उत्तर दिशा की तरफ फेंक दें। ध्यान रहे कि फिर पीछे मुडकर न दें। ऐसा करने से ग्राहक आपकी दुकान की तरफ आकर्षित होंगे और धन लाभ में वृद्धि होगी।

दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन में पांच गोमती चक्र पर केसर और चंदन से ‘श्री ह्रीं श्री’ लिखें और उनको पूजा में उन्हें शामिल करें। इसके बाद उनके समक्ष लक्ष्मी मंत्रों का यथाशक्ति अधिक संख्या में जाप करें। तत्पश्चात उन्हें धन के साथ रखें। वर्ष पर्यंत धन की कमी नहीं होगी।

पूजा के स्थान पर मोर-पंख रखने से लक्ष्मी-प्राप्ति में मदद मिलती है।

दीपावली की संध्या को तुलसी जी के निकट दिया जलायें, लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने में मदद मिलती है। कार्तिक मास में तुलसीजी के आगे दिया जलाना पुण्यकारक है, और प्रातः-काल के स्नान का भी बहुत महत्व है।

दीपावली,जन्म-दिवस, और नूतन वर्ष के दिन, प्रयत्न-पूर्वक सत्संग सुनना चाहिए।

दीपावली की रात का जप हज़ार गुना फलदाई होता है। वर्ष में 5 महा-रात्रियाँ हैं-1-दीपावली, 2-शिवरात्रि,3- होली, 4-जन्माष्टमी 5-नवरात्र ये सिद्ध रात्रियाँ हैं, इन रात्रियों का अधिक से अधिक जप-तप करके लाभ लेना चाहिए।

यहां पढ़ें कथा-नम्बर एक

कथा नम्बर दो

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)