बांग्लादेश में हिंसा…एक हिंदू युवक को जला डाला जिंदा; मीडिया सहित कई इमारतों को किया आग के हवाले, रूह कंपा देने वाले Videos वायरल
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में एक बार फिर से अशांति फैल गई है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो डरा देने वाले है. भारत के पड़ोसी देश में बार-बार जिस तरह से हिंसा फैल रही है उसने दुनिया को चिंता में डाल दिया है. बता दें कि ये हिंसा एक कट्टर युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भड़की है. दरअसल हाल ही में उसकी हत्या की कोशिश की गई थी और अब इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है. वह साल 2024 के लोकतंत्र समर्थक विद्रोह का कट्टर युवा नेता था.
फिलहाल मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने लोगों से भीड़ की हिंसा का विरोध करने की अपील की है. सरकार ने बयान जारी करते हुए कहा है कि ऐसे काम देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पटरी से उतार सकते हैं.
A Hindu youth, Dipu Chandra Das, was brutally lynched by Islamists in Bangladesh over alleged blasphemy. After killing him, his body was hung from a tree and set on fire. This horrifying incident exposes the brutal reality of what happens when Islamic extremism goes unchecked and… pic.twitter.com/57ETUuaozo
— Amit Malviya (@amitmalviya) December 19, 2025
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि हजारों प्रदर्शनकारी ढाका और दूसरे शहरों की सड़कों पर हिंसक रूप में घूम रहे हैं और इधर-उधर आगजनी कर रहे हैं. प्रमुख मीडिया हाउसों की इमारतों और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़ी जगहों को भी प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया.
Last night, Islamist mobs vandalised Chhayanaut Bhavan, a historic institution and a cornerstone of Bengali arts and culture in Dhaka.
The pattern unfolding in Bangladesh is unmistakable:
attacks on media houses, journalists, and cultural centres, carried out under Islamist… pic.twitter.com/ELlbuwvkJy— Amit Malviya (@amitmalviya) December 19, 2025
तो वहीं एक हिंदू जिसका नाम दीपू चंद्र दास बताया जा रहा है को पहले इतना पीटा कि वह अधमरा हो गया. इसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया और उसका जिंदा जलते वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है. यह घटना बांग्लादेश के मैमनसिंह ज़िले के भालुका में हुई है. आरोप है कि दीपू ने धर्म का अपमान किया था. इसी के बाद भीड़ ने उसे एक पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया. इस सम्बंध में भालुका पुलिस स्टेशन के ड्यूटी ऑफिसर रिपन मिया का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने मृतक युवक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में की है.
This is Prabir, a journalist with Daily Star in Dhaka, Bangladesh. He broke down after Islamist radical illiterate thugs and goons burnt down their building in Dhaka. His entire career’s work in Hard Disk destroyed. Cameras and lens destroyed. pic.twitter.com/ZmqbAfeu1H
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) December 19, 2025
बता दें कि भारत और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दोनों के ही हादी कड़े आलोचक थे. पिछले साल शेख हसीना को जब सत्ता से हटाया गया था तब इंकलाब मंच ग्रुप ने हसीना और भारत की कड़ी आलोचना करते हुए सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया था. मालूम हो कि शेख हसीना वर्तमान में भारत में शरण लिए हुए हैं.
कपड़ा कारखाने में करता था काम
सोशल मीडिया पर अधिकारियों का बयान वायरल हो रहा है जिसमें बताया गया है कि मृतक दीपू एक स्थानीय कपड़ा कारखाने में काम करता था और इलाके में एक कमरा किराए पर लेकर रहता था. भालुका पुलिस स्टेशन के ड्यूटी ऑफिसर रिपन मियां ने एक बयान में बताया है कि गुरुवार रात को करीब 9 बजे कुछ उत्तेजित लोगों ने दीपू चंद्र दास पर पैगंबर का अपमान करने के आरोप लगाया और फिर उसे पकड़ लिया और इसके बाद उसकी तब तक पिटाई की जब तक वह मर नहीं गया. फिर अधमरी हालत में उसके शव को आग लगा दी.
अधिकारियों का कहना है कि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और फिर मृतक दास का शव बरामद कर मैमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है.
मृतक के रिश्तेदारों की तलाश
फिलहाल पुलिस अब मृतक दास के रिश्तेदारों की तलाश कर रही है. भालुका पुलिस का कहना है कि अगर वे आकर मामला दर्ज कराते हैं, तो फिर आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
सरकार ने की निन्दा
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस की ओर जारी बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बयान में मैमनसिंह में हुई हत्या की निंदा की गई है. तो वहीं मोहम्मद यूनुस के प्रेस विंग ने फ़ेसबुक पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “हम मैमनसिंह में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या की कड़ी निंदा करते हैं. नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.”
नागरिकों से की गई ये अपील
इस बयान में नागरिकों से अपील की गई है कि देश में ये जो नाज़ुक घड़ी है. उसमें हर नागरिक से हिंसा, उकसावे और घृणा का विरोध करके शहीद हादी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का आह्वान करते हैं.
पत्रकारों पर बढ़े हमले
सोशल मीडिया पर वायरल खबरों के मुताबिक, हादी की मौत की खबर जैसे ही फैली सैकड़ों प्रदर्शनकारी ढाका की सड़कों पर उतर आए. यही नहीं ‘अल्लाहु अकबर’, या अरबी में ‘भगवान महान है’ जैसे नारे लगाए गए.ढाका यूनिवर्सिटी कैंपस के पास शाहबाग स्क्वायर पर रैली की गई और यहीं पर जमकर नारेबाजी हुई. तो वहीं देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन किया गया और भीड़ ने ढाका के कारवान बाजार इलाके में देश के प्रमुख बंगाली भाषा के दैनिक, प्रोथोम आलो के हेड ऑफिस के बाहर इकट्ठा हुए और फिर देखते ही देखते इमारत में घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी. यही नहीं इमारत में आग भी लगा दी. सोशल मीडिया पर एक अखबार के रिपोर्टर का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह खाक हो चुके अपने कार्यालय के बाहर खड़ा है और रोता हुआ दिख रहा है. उसने नुकसान के बारे में भी बताया.
तो वहींकरीब सौ गज की दूरी पर स्थित एक प्रमुख अंग्रेजी भाषा के ‘डेली स्टार‘ के परिसर में भी घुसकर प्रदर्शनकारियों ने इमारत में आग लगा दी. प्रदर्शनकारियों ने ये सब पड़ोसी देश भारत का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए ये काम किया. क्योंकि बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद छोड़ने के बाद यहां पर शरण ली है.
भाजपा प्रवक्ता ने की निन्दा
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए भाजपा प्रवक्ता अमित मालवीय ने हत्या की निंदा की है और कहा है कि “यह भयावह घटना इस्लामी चरमपंथ को बेरोकटोक बढ़ने देने दे रही है और अल्पसंख्यकों को सुरक्षा से वंचित किए जाने की क्रूर हक़ीक़त को उजागर कर रही है.”