बुध ग्रह, संबंधों को परिपक्व बनाने में भी सहयोग करता है. इस ग्रह का प्रभाव से पारिवारिक संबंध अच्छे बने रहते हैं. नए संबंध में सफलता प्राप्त करने में सहयोग करता है.
भांग, भगवान शिव की प्रिय चीजों में से एक है। श्रावण मास और महाशिवरात्रि जैसे पर्वों पर इसका विशेष महत्व होता है।
संसार की सम्पूर्ण विद्याएं गुरु की कृपा से ही प्राप्त होती है। इस पर्व को श्रद्धा भाव से करें अंधविश्वास के आधार पर नहीं। क्योंकि गुरु की दी हुई विद्या सिद्ध और सफल होती है।
इस व्रत के प्रभाव के बारिश जरूर होगी. यह उपाय सुनने के बाद राजा वापस अपने राज्य में लौट आए और फिर चारों वर्णों के साथ मिलकर इस एकादशी का विधि पूर्वक व्रत किया
हे जगन्नाथ जी। आपके निद्रित हो जाने पर सम्पूर्ण विश्व निद्रित हो जाता है और आपके जाग जाने पर सम्पूर्ण विश्व तथा चराचर भी जाग्रत हो जाते हैं।
माता गिरिजा की प्रतिमा चतुर्भुजी हैं। उनके हाथों में शंख्, रूद्राक्ष माला के साथ ही खड्ग है। तो उनको शरीर पर वस्त्र का सूक्ष्म अंकन है।
मृतक श्रद्धालु की पहचान अयोध्या निवासी राजेश कुमार कौशल के रूप में हुई है.
अमरनाथ यात्रा के दौरान केवल जम्मू से शुरू होने वाले आधिकारिक सुरक्षा काफिलों के साथ ही यात्रा करें.
महाराष्ट्र के वीण में कथा के दौरान चित्रगुप्त भगवान के साथ ही भगवान यमराज को लेकर की कथित अमर्यादित टिप्पणी की जिसके बाद से कायस्थ समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है.
Nirjala Ekadashi: इतने घंटे पानी न पीने का है विधान…जानें निर्जला एकादशी के व्रत का विधान; पढ़ें कथा
Nirjala Ekadashi: इतने घंटे पानी न पीने का है विधान…जानें निर्जला एकादशी के व्रत का विधान; पढ़ें कथा
जो पूरे साल की एकादशी का व्रत नहीं करते हैं लेकिन साल में एक बार निर्जला एकादशी का व्रत जरूर करते हैं.