Health Tips: इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खाना-पान में करें सुधार…7-8 घंटें की लें नींद
Health Tips: आज कल हर व्यक्ति किसी न किसी वजह से तनाव भरी जिंदगी जी रहा है. किसी को पढ़ाई में अव्वल आने की चिंता तो किसी को करियर और शादी-ब्याह की. इसी भागदौड़ भरी जिंदगी में वह अपनी सेहत का ख्याल नहीं रख पाता और फिर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी पर इसका सीधा असर देखने को मिलता है. जबकि इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है. क्योंकि जब सेहत ठीक होगी तभी हम किसी भी कार्य को बेहतर ढंग से कर सकेंगे.
इम्युनिटी कमजोर पड़ने की दूसरी वजह प्रदूषण, बदलता मौसम, मिलावटी आहार और नींद की कमी के साथ मानसिक तनाव भी है. ये तो सभी जानते हैं कि जब शरीर की इम्यूनिटी कमजोर पड़ जाती है तो शरीर जल्दी संक्रमणों का शिकार हो जाता है और फिर हम कई तरह की बीमारियों से जूझने लगते हैं.
शरीर की है प्राकृतिक ढाल
जानकार बताते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर की एक ऐसी प्राकृतिक ढाल है जो हमें वायरस, बैक्टीरिया और अन्य रोगजनकों से सुरक्षा करती है लेकिन जब यह कमजोर हो जाती है तब बुखार, सर्दी-जुकाम व एलर्जी के साथ ही कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.
ऐसी रखें जीवन शैली
अगर स्वस्थ्य जीवन जीना है तो अपनी जीवनशैली और खानपान में थोड़ा बदलाव करें और फिर देखेंगे कि बिना दवाइयों के भी इम्यून सिस्टम मजबूत हो गया. बस करना ये कि सबसे पहले, पर्याप्त नींद लें. रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद से शरीर की टी-कोशिकाएं सक्रिय रहती हैं. इससे संक्रमण से लड़ने की क्षमता हमार शरीर में बढ़ती है. योग और प्राणायाम का अभ्यास फेफड़ों को मजबूत बनाता है और तनाव के स्तर को घटाने में सहायक होता है.
ये है इम्यूनिटी की नींव
एक्सपर्ट बताते हैं कि संतुलित आहार इम्यूनिटी की नींव है. मौसमी फलों के साथ साबुत अनाज, हरी सब्जियां, दालें और अच्छा वसा युक्त भोजन हमारे शरीर की सुरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करता है. जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे मूंगफली,कद्दू के बीज और तिल शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं. तो वहीं विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा, आंवला, अमरूद, नींबू आदि का सेवन श्वेत रक्त कोशिकाओं को सक्रिय करने में सहायक होता है. तो वहीं विटामिन डी के लिए प्रतिदिन 15-20 मिनट धूप में जरूर रहें.
ये करते हैं इम्यून कोशिकाओं को सक्रिय
एक्सपर्ट कहते हैं कि हमें आंवला और हल्दी को अपने भोजन में इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि ये दोनों ही शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं. क्योंकि हल्दी में करक्यूमिन होता है जो कि इम्यून कोशिकाओं को सक्रिय करता है तो वहीं लहसुन में एलिसिन पाया जाता है जो कि बैक्टीरिया और वायरस से सुरक्षा देता है. साथ ही अदरक का भी सेवन करना चाहिए क्योंकि यह शरीर में इंफ्लामेशन को कम करता है और संक्रमण से बचाव करता है.
आयुर्वेदिक औषधियों से मिलेगी मदद
धूम्रपान और शराब का बिल्कुल भी सेवन न करें तो वहीं पर्याप्त पानी पीना, हल्का व्यायाम करना व ध्यान और मेडिटेशन से तनाव कम करना इम्यूनिटी को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाता है. तो वहीं आयुर्वेदिक औषधियां जैसे गिलोय और अश्वगंधा भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है. साथ ही दही आदि का सेवन भी काफी लाभकारी है. ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन वायरस को निष्क्रिय करने में मदद करता है. इसका सेवन भी कर सकते हैं.