Lucknow Aalaya apartment Building collapse: अलाया अपार्टमेंट गिरने से वरिष्ठ पत्रकार की मौत, पोस्टमार्टम को नहीं तैयार परिजन, वायरल हुआ वीडियो, तीन पर मुकदमा दर्ज

January 25, 2023 by No Comments

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ हजरतगंज क्षेत्र में वजीर हसन रोड स्थित अलाया अपार्टमेंट मा-बेटी की मौत के बाद हंगामा हो गया है। बताया जा रहा है कि बेटी वरिष्ठ पत्रकार थी। तो दूसरी ओर खबर सामने आ रही है कि महिलाओं की मौत के बाद बॉडी को ले जाने को लेकर पुलिस और परिवारिजनों में भिड़ंत हो गई। क्योंकि पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन तैयार नहीं थे।

बता दें कि मंगलवार की शाम को यकायक चार मंजिला इमारत गिरने के बाद से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। बताया जा रहा है कि दो दिन से बिल्डिंग के बेसमेंट में बड़ी-बड़ी ड्रिल मशीनों से कुछ काम कराया जा रहा था, जिससे पूरा अपार्टमेंट हिल रहा था। इसका विरोध भी लोगों ने किया था, लेकिन फिर भी काम बंद नहीं कराया गया। नतीजतन अपार्मेंट भरभरा कर गिर गया। इस घटना में मां बेटी की जान चली गई है। दोनों की सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अब्बास हैदल की मां और बीवी थीं। मां का नाम बेगम हैदर और बीवी का नाम उजमा बताया जा रहा है। जानकारी सामने आई है कि उजमा एक बड़े अंग्रेजी अखबार की पत्रकार भी थीं। मालूम हो कि धराशायी इमारत में कल शाम से लेकर अभी तक राहत बचाव कार्य चल रहा है। वहीं इस पूरे मामले में अब्बास हैदर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू आपरेशन ठीक से नहीं चलाया गया, इसमें केवल खानापूर्ति की गई।

जांच के लिए कमेटी गठित
अपार्टमेंट गिरने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में लखनऊ के आयुक्त रोशन जैकब, संयुक्त पुलिस आयुक्त लखनऊ पीयूष मोर्डिया और चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी लखनऊ को शामिल किया गया है। यह कमेटी एक सप्ताह में जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर रिपोर्ट देगी।

इन धाराओं में दर्ज हुआ तीन पर मुकदमा
अलाया आपार्टमेंट मामले में तीन पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। पुलिस की ओर से जारी रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि मो. तारिक पुत्र मो. आरिफ, नवाजिश शाहिद पुत्र शाहिद मंजूर और फाहद याजदानी पुत्र गुलाम याजदानी ने संयुक्त रूप से इस इमारत में कुल 13 फ्लैट बनवाए थे और लोगों को बेचा था। यह निर्माण निम्न दर्जे का किया गया था। ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में अपार्टमेंट में जानबूझकर घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया इसको देखते हुए उक्त तीनों पर आईपीसी की धारा 323/308/ 420/ 120बी के साथ ही 7 सीएलए एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है, जो कि दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

जानें क्या रही इमारत गिरने की वजह
जानकारी सामने आ रही है कि यहां के निवासियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि इमारत के मालिक एक-दो दिन से इमारत में भूमितल में बहुत ही खतरनाक ढंग से भारी ड्रिल मशीनों से ड्रिल कराकर कुछ निर्माण कार्य करा रहे थे, जिसकी धमक से पूरी इमारत हिल रही थी। इस पर कुछ लोगों ने आपत्ति भी की थी, लेकिन वे नहीं माने, नतीजतन इमारत ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। इसी के साथ ये भी खबर सामने आई है कि इस इमारत के लिए कोई भी मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था।

यहां देखें वीडियो