Lunar Eclipse: इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया, एक दिन पहले ही मनाएं देव दीपावली, देखें कितने बजे लग जाएगा सूतक, जानें ग्रहण पर क्या करें, क्या नहीं

November 5, 2022 by No Comments

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चंद्र ग्रहण विशेष। इस बार कार्तिक पूर्णिमा 8 नवंबर 2022 को पड़ रही है और इसी दिन साल का आखिरी ग्रहण, ग्रस्तोदित खग्रास चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। ऐसे में इस बार देव दिवाली 7 नवंबर 2022 को मनाई जा रही है। ग्रहण लगने के कारण इस बार हर वर्ष की तरह कार्तिक पूर्णिमा के दिन देव दीपावली नहीं मनाई जाएगी, लेकिन स्नान दान की पूर्णिमा जरूर 8 नवम्बर को मनेगी।

आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि इस वर्ष 08 नवंबर मंगलवार को ग्रस्तोदित खग्रास चंद्रग्रहण भारत में चंद्रोदय के साथ अर्थात सायं 05:09 से प्रारंभ होगा तथा ग्रहण का मोक्ष सायं 06:19 पर होगा इस प्रकार से भारत मे कुल ग्रहण अवधि 01 घंटा 10 मिनट की रहेगी। चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण काल से नौ घंटे पूर्व लग जाता है। अतः ग्रहण वेध, सूतक 08 नवंबर को प्रातः 08:09 से लग जायेगा।

इसके उपरांत देव मूर्ति पूजन वा स्पर्श वर्जित होगा सभी मंदिरों के पट प्रातः 08:09 पर बंद हो जाएंगे तथा ग्रहण मोक्ष अर्थात शाम 06:19 पर खुलेंगे एवम उसके उपरांत ही पूजन अर्चन आरती आदि की जा सकेगी। अगर जो इस दिन देव दीपावली का कार्यक्रम करना चाहते हैं तो वो 6 बजकर 19 मिनट के बाद कर सकते हैं। वहीं आचार्य पं. रवि शास्त्री बताते हैं कि ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले से शुरू हो जाएगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा और शाम 5 बजकर 10 मिनट में स्पर्श और 5:44 में मध्य और शाम 6 बजकर 20 मिनट में मोक्ष होगा देश के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण आंशिक और कई हिस्सों में पूरा दिखाई देगा।

होगा कार्तिक व्रत का समापन
बता दें कि जो व्यक्ति कार्तिक व्रत वा कार्तिक स्नान तथा कार्तिक मास के नियम पालन करता है वो आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा वा हवन करवा करके कार्तिक व्रत का समापन करेगा।

भारत में कब दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा 8 नवंबर को सुबह करीब 8 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा और शाम 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। चंद्र ग्रहण मेष राशि में लगेगा भारत में चंद्र ग्रहण शाम 5.10 बजे के आसपास दिखाई देगा अलग-अगल हिस्सों में ग्रहण दिखाई देने का समय भी अलग हैं।

क्या करें चंद्र ग्रहण के समय
पं. रवि शास्त्री बताते हैं कि चंद्र ग्रहण के समय पूजा नहीं करनी चाहिए साथ ही घर में रखें हुए खानें में तुलसी के पत्ते या कुश डाल देना चाहिए इससे खानें पर ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ता है। ग्रहण के समय भोजन आदि नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए ग्रहण के समय सोना नहीं चाहिए। हालांकि यह एक खगोलीय घटना है, लेकिन भारतीय ज्योतिष के मुताबिक ग्रहण का हर व्यक्ति पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए इस दिन थोड़ी एहतियात जरूर बरतनी चाहिए।

ग्रहण के समय करें यह कार्य
ग्रहण के दौरान दान करना चाहिए। देवी-देवताओं के मंत्रों का जाप करें। ग्रहण समाप्ति के बाद पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करें और पूरे घर में गंगा जल का छिड़काव करें । ग्रहण के समय मंदिर के कपाट को बंद रखें। (फोटो-सोशल मीडिया)

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)