Lunar Eclipse -2022: चंद्र ग्रहण मंगलवार को, 4 राशियों पर पड़ेगा दुष्प्रभाव, ये तीन चीजें करें दान, देखें किस शहर में कितने बजे लगेगा ग्रहण, जानें कहां पड़ेगा पूर्ण Chandra Grahan

November 7, 2022 by No Comments

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चंद्र ग्रहण विशेष। इस बार कार्तिक पूर्णिमा (8 नवंबर 2022) पर साल का आखिरी ग्रहण, ग्रस्तोदित खग्रास चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) लग रहा है, जो कि तमाम राशियों पर दुष्प्रभाव डाल रहा है। वैसे तो ये एक खगोलीय घटना है और चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) तब लगता है, जब चन्द्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है। ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हों।

इस ज्यामितीय प्रतिबन्ध के कारण चन्द्रग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है, लेकिन सनातन संस्कृति को मानने वाले इस दिन को लेकर खास परहेज करते हैं। इस दिन सूतक लगने के साथ ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं तो वहीं घरों में भी पूजा-पाठ नहीं किया जाता है और मूर्ति स्पर्श निषेध हो जाता है, लेकिन इस दौरान मंत्रोच्चारण करने के लिए आचार्य सलाह देते हैं।

देखें मध्य प्रदेश के तमाम हिस्सों में किस समय लगेगा सूतक
आचार्य कमलकांत कुलकर्णी ने बताया कि 8 नवम्बर को लग रहे चंद्रोदय खंडग्रास चंद्रग्रहण मध्यप्रदेश में शाम 5 बजकर 40 मिनट से शुरू होगा और 6 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होगा। इसका सूतक काल वेधशाला के अनुसार सुबह 8 बजकर 29 मिनट से शुरू होगा। कुछ स्थानों, अर्थात मध्य प्रदेश से बाहर चंद्रोदय का समय अलग है। कोलकाता व आगरा में 4 बजकर 22 मिनट तथा 5 बजकर 28 मिनट से प्रारम्भ माना गया है। खरगोन, खंडवा, उज्जैन, बड़वानी में शाम 5 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक होगा। इसलिए यहां सूतक सुबह 8 बजकर 29 मिनट से शाम 6 बजकर 20 मिनट कर मान्य होगा। सूतक काल के दौरान मूर्ति स्पर्श निषेध रहेगा। बालक, वृद्ध, रोगी, गर्भवती महिलाओं को सुबह 11 बजे से सूतक या परिस्थिति अनुसार मानना चाहिए।

15 दिन में पड़े दो ग्रहण हैं हानिकारक
आचार्य कमलकांत कुलकर्णी बताते हैं कि एक पक्ष (15 दिन) में पड़े दो ग्रहण समाज व देश-दुनिया के लिए हानिकारक है। बता दें कि 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण पड़ा था और 8 नवम्बर को चंद्रग्रहण पड़ रहा है। इसको लेकर आचार्यों का मत है कि जिन राशियों पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है, वे ग्रहण के दौरान अधिक से अधिक मंत्रों का उच्चारण करें और अपने आचार्यों से सलाह कर राशि के अनुसार दान करें।

चंद्रग्रहण यह मेष राशि व भरणी नक्षत्र पर होगा। इस दिन मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल तीसरे भाव में वक्री चाल में विराजमान होंगे, जब चंद्रमा राहु के साथ स्थिति होंगे। अक्सर चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा के साथ केतु होता है और सूर्य के साथ राहू परंतु इस ग्रहण पर सूर्य के साथ केतु है और चंद्र के साथ राहू विराजमान है, इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से इसे बहुत अच्छा नहीं माना जा रहा है। ग्रहण के मोक्ष पर स्नान आदि से शुद्ध होकर देव पूजन करना चाहिए और पूरे घर में गंगा जल का छिड़काव करना चाहिए। इसी के साथ ताजा भोजन करना चाहिए। चंद्रग्रहण का स्पर्श काल दोपहर 02 बजकर 39 मिनट पर शुरू हो जाएगा। वैदिक पंचाग के अनुसार यह पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत के कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में दिखाई देगा जबकि बाकी जगहों पर आंशिक चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा।

देखें राशियों पर क्या रहेगा असर
मिथुन, कन्या, मकर, कुंभ राशि के लिए चंद्रग्रहण उत्तम रहेगा। तो वहीं वृषभ, सिंह, तुला, धनु को मिश्रित फल देने वाला होगा। अर्थात नकारात्मक व सकारात्मक दोनों ही प्रभाव डालेगा। तो वहीं मेष, कर्क, वृश्चिक, मीन राशि पर अधिक हानिकारक है। ऐसे में आचार्य इन जातकों से विशेष दान-पुण्य करने की सलाह देते हैं।

ग्रहण के दौरान ये करें दान
ग्रहण के दौरान गेहूं, नमक, और फल आदि का दान करना चाहिए।

ग्रहण की स्थिति देखें एक नजर में

साल का आखिरी ग्रहण चंद्र ग्रहण- 08 नवंबर 2022, दिन मंगलवार को पड़ रहा है।
ग्रहण की शुरुआत- दोपहर 02:39 मिनट से हो जाएगी।
भारत में ग्रहण- 4:23 से 6:19 तक रहेगा।
सूतक प्रारंभ- सुबह 09:21 मिनट से।

जानें कहां होगा पूर्ण और आंशिक चंद्रग्रहण
पूर्ण चंद्र ग्रहण कोलकाता, कोहिमा, पटना, पुरी, रांची और ईटानगर में पूर्ण चंद्रग्रहण होगा और भारत के शेष हिस्सों में आंशिक चंद्रग्रहण होगा।

दुनिया में चंद्र ग्रहण की स्थिति
उत्तरी-पूर्वी यूरोप, एशिया, प्रशान्त महासागर, उत्तर और दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया।

आपके शहर में चंद्र ग्रहण का समय
दिल्ली में 5.28 बजे, नोएडा में 5.30 बजे, अमृतसर में 5.32 बजे, लखनऊ में 5.16 बजे, भोपाल में 5.36 बजे, लुधियाना में 5.34 बजे। जयपुर (5.37), शिमला (5.20),मुंबई (6.01), कोलकाता (4.52), रायपुर (5.21), पटना (5.00), इंदौर (5.43) देहरादून (5.22) उदयपुर (5.49) और गांधीनगर (5.55)

DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)