Aghan Month: नौ नवम्बर से शुरू हो रहा है मार्गशीर्ष (अगहन) मास, जानें इस महीने की विशेषता, कलह दूर करने को करें यह सरल उपाय
अगहन मास विशेष। कार्तिक पूर्णिमा के साथ ही 8 नवम्बर को कार्तिक मास का समापन हो रहा है और इसी के साथ कार्तिक स्नान भी सम्पन्न हो रहा है। तो वहीं 9 नवम्बर से मार्गशीर्ष मास, जिसे अगहन का महीना कहते हैं, की शुरूआत होगी। सनातन धर्म में हर महीने की कुछ न कुछ विशेषता है। इसी तरह से अगहन मास की भी विशेषता शास्त्रों में बताई गई है। आचार्य विनोद कुमार मिश्र इस महीने की विशेषता बताते हुए लोगों से कुछ उपाय करने की सलाह दी है, ताकि घर-गृहस्थी में अगर किसी तरह की कलह या परेशानी चल रही हो तो उसे कम किया जा सके।
अगहन मास के दौरान करें ये उपाय
मार्गशीर्ष मास में इन तीन के पाठ की बहुत ज्यादा महिमा है। विष्णुसहस्त्र नाम, भगवत गीता और गजेन्द्रमोक्ष की खूब महिमा है। दिन में 2-3 बार पाठ करें।
इस मास में ‘श्रीमद भागवत’ ग्रन्थ को देखने की भी महिमा है। स्कन्द पुराण में लिखा है। घर में अगर भागवत हो तो एक बार दिन में उसको प्रणाम करें।
शंख में तीर्थस्थान का पानी भरकर घर में और पूजा के स्थान के ऊपर से शंख घुमाकर भगवान का नाम बोलते हुए वो जल घर की दीवारों पर छिड़कने से घर में शुद्धि,शांति बढ़ती है क्लेश दूर होते है।
इस मास में कर्पूर का दीपक जलाकर भगवान को अर्पण करनेवाला अश्वमेघ यज्ञ का फल पाता है और कुल का उद्धार करता है।
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)