Nautapa-2025: जानें कब से शुरू है नौतपा और क्यों जरूरी है हमारे लिए? इस तरह रखें अपना ख्याल
Nautapa-2025: उत्तर प्रदेश से लेकर भारत के तमाम शहर इन दिनों तेज धूप और कड़ाके की गर्मी से जूझ रहे हैं. कूलर से लेकर एसी तक कुछ भी काम नहीं कर रहा है. लू के थपेड़े लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं तो वहीं इस चरम गर्मी के बीच नौतपा भी शुरू होने वाला है. इसके बारे में सोचकर ही लोगों की हालत खराब हो रही है. लोगों का कहना है कि आखिर कैसे कटेगी ये भीषण गर्मी?
बता दें कि नौतपा 25 मई से 9 जून तक रहेगा. माना जाता है कि नौतपा के दौरान सूर्य भगवान रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए रहते हैं और इसके पहले के 9 दिन वह अपनी प्रचंड रूप में रहते हैं. इस दौरान सूर्य की किरणे धरती पर सीधे (लंबवत) पड़ती हैं। जिस कारण उनका तापमान सर्वाधिक रहता है। इसी को नौतपा कहते हैं.
इस दौरान भीषण गर्मी के साथ ही लू और तेज गरम हवाएं चलती हैं. इस साल मई में ही अधितकम तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया है. ऐसे में मौसम विभाग ने आने वाले नौतपा को लेकर कहा है कि इन दिनों में और भी भीषण गर्मी के आसार हैं. अगर इन नौ दिनों से पहले वर्षा नहीं हुई तो नौतपा आग उगलेगा और पशु-पक्षी के साथ ही इंसानों का भी जीना मुश्किल हो जाएगा.
अच्छी होती है फसल
माना जाता है कि अगर नौतपा के नौ दिनों में बारिश न हो और ठंडी हवा न चले तो बरसात अच्छी रहती है और फसल भी अच्छी होती है. इसीलिए नौतपा को हमारे लिए जरूरी माना गया है. नौतपा को लेकर कृषि अनुसंधान केंद्र की मौसम वेधशाला के पूर्व मौसम प्रेक्षक आरके शर्मा व सतीश कुमार का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने बताया कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं. इस वजह से पृथ्वी का तापमान बढ़ जाता है और फिर अधिक गर्मी की वजह से मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है। इस कारण समुद्र की लहरें आकर्षित होती हैं और फिर इससे अच्छी बारिश होने के आसार अधिक होते हैं. अगर बारिश अच्छी होती है तो फसलें भी अच्छी होती हैं.
नौतपा को माना गया है मानसून का गर्भकाल
नौतपा को लेकर आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि नौतपा को मानसून का गर्भकाल माना गया है. यानी नौतपा ही वो दिन होते हैं जिससे अच्छी बारिश के आसार पता चलते हैं. नौतपा के दौरान सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मानसून गर्भ में आ जाता है। जिस समय सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होते हैं उस समय चन्द्रमा नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं. इसीलिए इस कालखंड को नौतपा कहते हैं.
इस नक्षत्र में सूर्य देव करीब 15 दिनों तक मौजूद रहते हैं लेकिन शुरुआती 9 दिनों के दौरान वह अपनी सबसे प्रचंड स्थिति में होते हैं. यही कारण है कि नौतपा के नौ दिन गर्मी अपने चरम पर होती है और आम जनजीवन बहुत अधिक प्रभावित होता है.
इस तरह रखें सेहत का ध्यान
वैसे तो गर्मी में अधिक पानी पीने की सलाह एक्सपर्ट देते ही हैं तो वहीं नौतपा के दौरान भी इस बात का ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए. इस दौरान खाना हल्का खाएं. तला भुना से दूर रहें और संतुलित भोजन करें. क्योंकि जरा भी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है. नारियल पानी को सबसे हेल्दी ड्रिंक माना गया है. तो नौतपा से बचने के लिए रोज एक नारियल पानी पी सकते हैं.
साथ ही दही और खीरा, नींबू, मौसमी फल, तरबूज, खरबूजा आदि को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. इससे शरीर को हाइड्रेट रखने में पूरी मदद मिलेगी. शरीर में पानी की कमी भी नहीं होगी. पेट भी ठंडा रहेगा. तो वहीं कोशिश करें कि नौतपा के दौरान धूप में बाहर न निकलें. अगर बहुत जरूरी है तो पूरी तरह से खुद को कवर करके ही निकलें.
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