क्या है “सुदर्शन चक्र” जिसने पाकिस्तानी मिसाइलों को हवा में ही कर दिया राख? पुंछ में हमले की आंखो देखी बयां की एक चश्मदीद ने-Video

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Operation Sindoor: पाकिस्तान द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम में किए गए कायराना हमले के बाद जब भारत द्वारा कल रात ऑपरेशन सिंदूर चलाकर कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया तो पाकिस्तान ने भारत के पुंछ सहित 15 शहरों में फिर से कायराना हमला किया है और मिसाइलें दागी लेकिन भारत के सुदर्शन चक्र ने हवा में उसे नेस्तानाबूत कर दिया. हालांकि इस बीच भारत के लिए दुखद खबर भी सामने आई. पाकिस्तान से की गई फायरिंग में हरियाणा के रहने वाले जवान दिनेश कुमार शर्मा पुंछ में शहीद हो गए हैं.

इसके बाद भारत ने करारा जवाब देते हुए PAK के एयर डिफेंस सिस्टम की कमर तोड़ दी है. इसके बाद से पाकिस्तान में अफरा-तफरी मची हुई है. हालांकि इसी बीच यूरोपीय संघ ने तनाव कम करने और हमलों से बचने की अपील की है.

ये बात पूरी दुनिया जानती है कि भारत किसी भी युद्ध की पहल अपनी तरफ से नहीं करता. बावजूद इसके पाकिस्तान भारत पर लगतार कायराना हमला कर यहां के निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारता रहा है. इस बार जब पहलगाम में 26 निहत्थे पर्यटकों पर पाकिस्तान ने हमला करवाया तब भारत ने जवाबी कार्रवाई की है लेकिन पाकिस्तान का मानो काल सामने खड़ा हो गया है इसीलिए उसकी मति मारी गई और उसने फिर से भारत के पुंछ सहित 15 शहरों पर हमला किया तो भारतीय वायुसेना की एस 400 सुदर्शन चक्र वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली को कल रात भारत की ओर बढ़ रहे लक्ष्यों पर दागा गया। डोमेन विशेषज्ञों ने बताया कि अभियान में लक्ष्यों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया।

इसी के साथ ही भारत ने पाकिस्तान के एयरबेस को भी नष्ट कर दिया है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान का ये एयरबेस 16 सौ करोड़ की लागत से बनवाया गया था और इसे आधुनिक एयरबेस सिस्टम कहा जाता था लेकिन भारत ने उसे क्षण भर में ही नेस्तानाबूत कर दिया.

सूत्रों की मानें तो भारतीय सेना की तरफ से की गई इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आंतकियों के ढेर होने की खबर है। फिलहाल पाकिस्तान की नापाक हरकतों को देखते हुए भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है.

पुंछ में क्या हुआ एक शख्स ने दी जानकारी

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए पुंछ, जम्मू-कश्मीर के जिला गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष नरिंदर सिंह ने कहा, “कल पुंछ में बहुत भारी गोलाबारी हुई. हमारे गुरुद्वारे के रागी भाई अमरीक सिंह की गोलाबारी में मौत हो गई. जब यह घटना हुई तब वे अपने घर के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित अपनी दुकान में थे. एक गोला गुरुद्वारे पर भी गिरा, लेकिन यहां कोई मौजूद नहीं था. एक हिंदू बच्चा मारा गया है, चार सिख मारे गए हैं और मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने भी गोलाबारी में अपनी जान गंवाई है. लोगों ने बड़ी संख्या में पलायन करना शुरू कर दिया है.”

बता दें कि कल रात पुंछ जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान ने Operation Sindoor के बाद सीमा पार से भारी गोलाबारी की. इसके बाद पुंछ में एक मंदिर, एक गुरुद्वारा और एक मस्जिद को नुकसान पहुंचाया गया।

पाकिस्तान ने भारत के इन इलाकों में किया हमला

सेना के सूत्रों द्वारा जारी बयान में बताया जा रहा है कि 7 मई की रात को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया गया लेकिन भारतीय सेना ने इन हमलों को इंटीग्रेटिड काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से पूरी तरह से बेअसर कर दिया और आसमान में ही राख कर दिया. इन हमलों के मलबे अब कई स्थानों से बरामद किए जा रहे हैं, जो पाकिस्तानी हमलों को साबित करते हैं.

भारतीय सेना ने लिया सूझबूझ से काम

पाकिस्तान के इस हमले को लेकर भारतीय सेना पहले से ही सतर्क थी. यही वजह रही कि एस-400 यानी सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम से उसकी सभी मिसाइलों को आसमान में ही तबाह कर दिया. इसके बाद सेना ने बयान जारी कर बताया कि पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर वाली रात को भारत पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन भारत ने एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की मदद से उनके सभी हमलों को तबाह कर दिया था.

रूस से खरीदा था सुदर्शन चक्र

बता दें कि भारतीय सेना ने जिस सुदर्शन चक्र के जरिए पाकिस्तान की मिसाइलों को पस्त किया है वह एस-400 ट्रायम्फ (S-400 Triumf) एयर डिफेंस सिस्टम वास्तव में भारत ने रूस से खरीदा था. भारत ने इसे “सुदर्शन चक्र” नाम दिया है, क्योंकि यह बहुत ही शक्तिशाली और अभेद्य है. भारत ने अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खरीदा था. भारत ने इसे 2018 में रूस से 5.43 अरब डॉलर (लगभग 35,000 करोड़ रुपये) की डील के तहत खरीदा था.

इसकी पहली खेप 21 दिसंबर 2021 को मिली थी. यह सिस्टम रूस की अल्माज़ सेंट्रल डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा 1990 के दशक में विकसित किया गया था. आधिकारिक तौर पर यह रूस का एस-400 ट्रायम्फ ही है. 2007 से रूसी सेना में तैनात है. इसकी शक्ति का परिचय इसी बात से हो जाता है कि एस-400 के लॉन्चर से 3 सेकंड में 2 मिसाइलें दागी जा सकती हैं.

गौरतलब है कि एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए 2019 में समझौता हुआ था. भारत ने सबसे पहले इसकी तैनाती पाकिस्तान सीमा से लगे पंजाब में किया था.

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