Pitru Paksha-2023: 14 अक्टूबर को है सर्वपितृ अमावस्या, पितृ दोष कम करने के लिए करें ये आसान से उपाय
Pitru Paksha-2023: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक पितरों की पूजा के लिए सनातन धर्म में दिन निर्धारित किए गए हैं, जिसे पितृपक्ष, श्राद्ध पक्ष, महालय और कनागत कहते हैं। इन 15 दिनों तक उन पूर्वजों का श्राद्ध कर्म किया जाता है, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इस बार 14 अक्टूबर दिन शनिवार को पितृपक्ष समाप्त हो रहा है. शनिवार को सर्व पितृ अमावस्या है. मान्यता है कि इस दिन अपने पितरों के लिए श्राद्ध जरूर करना चाहिए. बता दें कि इस बार पितृपक्ष 30 सितम्बर को शुरू हुए थे. आचार्य विनोद कुमार मिश्र इस लेख में पितृ दोष में कमी करने के कुछ आसान से उपाय बता रहें हैं, जिनको करके आप अपने पितरों को प्रसन्न करने के साथ ही पितृ दोष में कमी भी कर सकते हैं.
आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि, श्राद्ध पक्ष की अमावस्या को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या कहते हैं। मान्यता है कि इस दिन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों का श्राद्ध करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, श्राद्ध पक्ष की अमावस्या पर कुछ विशेष उपाय करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष भी कम होता है। इसलिए इस दिन भी ये उपाय किए जा सकते हैं।
पितृ दोष में कमी के लिए सर्वपितृ अमावस्या पर करें ये उपाय
पीपल में पितरों का वास माना गया है। सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाएं ।
सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर किसी ब्राह्मण को भोजन के लिए घर बुलाएं या भोजन कराकर आटा, फल, गुड़ आदि का दान करें।
सर्वपितृ अमावस्या पर किसी पवित्र नदी में काले तिल डालकर तर्पण करें । इससे भी पितृगण प्रसन्न होते हैं।
सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर अपने पितरों को याद कर गाय को हरा चारा खिला दें। इससे भी पितृ प्रसन्न व तृप्त हो जाते हैं।
सर्वपितृ अमावस्या पर गाय के गोबर से बने कंड़े को जलाकर उस पर घी-गुड़ की धूप दें और पितृ देवताभ्यो अर्पणमस्तु बोलें ।
सर्वपितृ अमावस्या पर कच्चा दूध, जौ, तिल व चावल मिलाकर नदी में प्रवाहित करें ।ये उपाय सूर्योदय के समय करें तो अच्छा रहेगा ।
पितृ पक्ष का आखिरी दिन पितृ अमावस्या होती है। इस दिन कुल के सभी पितरों का श्राद्ध किया जा सकता है। फिर चाहे उनकी मृत्यु तिथि पता न हो। तब भी आप पितृ अमावस्या पर उनका तर्पण कर सकते हैं।
पितृ पक्ष की अमावस्या को सूर्यास्त से पहले ये उपाय करना है। इस उपाय में एक स्टील के लोटे में, दूध, पानी, काले व सफेद तिल और जौ मिला लें। इसके साथ कोई भी सफेद मिठाई, एक नारियल, कुछ सिक्के और एक जनेऊ पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सबसे पहले ये सारा सामान पेड़ की जड़ में चढ़ा दें। इस दौरान “पितृभ्यो नम:” का जप करते रहें।
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)