Sanatan Dharma: आर्थिक समृद्धि और सुख के लिए शनिवार को करें ये सरल उपाय, देखें क्या लिखा है ब्रह्मपुराण और पद्मपुराण में, कैसे बढ़ेगी सकारात्मक उर्जा

December 11, 2022 by No Comments

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सनातन धर्म में दिनों के महत्व को भी माना गया है। मान्यता है कि अमूक दिन अमूक कार्य करने से जीवन में आने वाले कष्ट कम हो जाते हैं। इसी तरह से शनिवार के दिन को लेकर भी ब्रह्मपुराण में दिया गया है। आचार्य विनोद कुमार मिश्र बताते हैं कि ब्रह्मपुराण के मुताबिक अगर शनिवार को नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करें तो सब कार्य सिद्ध होते हैं तथा कोई पीड़ा नहीं होती है। इसी के साथ ये भी कहा गया है कि जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करते हैं, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होती। मान्यता है कि इन उपायों को प्रत्येक शनिवार दोहराते रहने से जीवन के तमाम कष्ट बाधाएं कट जाती हैं।

शनिवार को करें ये भी उपाय
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)

शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। यह बात पद्म पुराण में लिखी गई है।

सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए करें ये उपाय
तुलसी की अथवा गाय की 9 बार प्रदक्षिणा करने से व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है ऐसे ही ओंकार जप से सकारात्मक ऊर्जा के साथ भगवत प्रीति भी बढ़ती है तुलसी और गौ का आभा मंडल 3 मीटर की दूरी तक फैलाता है गौ, तुलसी, पीपल, सफ़ेद मन्दार, गाय का गोबर ये घनात्मक ऊर्जा देते हैं।

किसी भी शनिवार की शाम को उड़द की दाल के दाने ले उस पर दही और सिंदूर लगाकर पीपल के वृक्ष के नीचे रख दे और बिना मुड़कर देखे वापस आ जाए लगातार सात शनिवार करने से आर्थिक समृद्धि और प्रसन्नता बनी रहेगी।