संगठन की सदस्यता की भी समीक्षा की गई तथा जनपदीय निर्वाचन आदि के सम्बन्ध मे दिनांक 06 नवम्बर, 2025 के पश्चात कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर निर्णय किया जाएगा।

अचानक डिलीवरी पेन होने की वजह से उन्हें अस्पताल जाना पड़ा और फिर इसी हड़बड़ी में वह बैग से जेवर निकालना भूल गईं।

संगरू राम की मौत को संदिग्ध बताकर भतीजों ने उनका अंतिम संस्कार रुकवा दिया है और कहा है कि जब तक वे दिल्ली से वापस गांव नहीं आ जाते तब कर अंतिम संस्कार न किया जाए।