भाजपा नेता अपर्णा यादव उस समय लखनऊ में नहीं थीं. प्रतीक के निधन की खबर सुनने के बाद वह असम से लौटीं थीं.
प्रतीक के शरीर का रंग पूरी तरह से नीला पड़ चुका था और उनके शरीर का वजन काफी बढ़ गया था.
ये भी कहा कि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मै यहां अपनी शोक संवेदना प्रकट करने आया था.
पुलिस ने उन्हें पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. तो वहीं दावा है कि वह सपा में प्रदेश सचिव हैं.
घटना में जिस पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था उसका लाइसेंस सुरेंद्र सागर के नाम पर था.
उन्होने अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखा और मांगों के पूरा होने पर ही जाने की बात कही.
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की शादी 2019 में हुई थी और इस दौरान मुलायम सिंह का परिवार काफी खुश था.
यह विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और कुछ बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके बाद खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
मौलाना द्वारा सपा सांसद डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, जिसके बाद से ही सपा कार्यकर्ता उनसे नाराज चल रहे थे
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