कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय के निर्देशन में सभी संस्थानों के निदेशकों और प्राचार्य को पत्र जारी कर शिक्षकों से प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करने को कहा गया है।

हाल ही में 100 करोड़ की इनोवेशन निधि बनाने के प्रस्ताव को विश्वविद्यालय प्रशासन ने किया है मंजूर, अब तक तमाम छात्रों ने बनायी अपनी स्टार्टअप कंपनी.

कंपनियां छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कम्प्यूटर लैंग्वेज जावा, बिजनेस एनालिटिक्स, वेब तकनीकी, क्लाउड कम्प्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते तकनीकी की ट्रेनिंग दे रही हैं।

परीक्षा के लिए पूरे प्रदेश में 134 केंद्र बनाये गये हैं। दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा में डेढ़ लाख से ज्यादा परीक्षार्थी बैठेंगे।

कंपनी की सीईओ यशि अस्थाना ने के महत्व के बारे में बताया कंपनी के चीफ टेक्निकल ऑफिसर रोहित कुमार ने छात्रों को कम्प्यूटर लैंग्वेज के विभिन्न आयामों से परिचित कराया।