28 मई को बाइक चलाने की बात पर असद और सूर्या का झगड़ा हुआ था. इसके बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए थे लेकिन ये विवाद यहीं नहीं थमा था.
घरवालों का कहना है कि जब तक आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होता तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा.
यही नहीं उन्होंने ऐसे मामलों में फांसी की सजा तक का प्रावधान करने की मांग की है।
जिस भाषाशैली में अपनी बात कही है उसको लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है.
समस्त जनपदवासियों से वृक्षों को अपने घर के समीप लगाकर उसे मां की भांति संरक्षित करने हेतु किया गया आवाह्न.
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