यानी 4 बार बांकीपुर और एक बार पटना पश्चिम( बता दें कि पहले बांकीपुर सीट का बड़ा हिस्सा इसी सीट में आता था) से जीत हासिल की थी.
जनता के फैसले का सम्मान करते हैं. तो दूसरी ओर प्रशांत की जीत के बाद बिहार से लेकर दिल्ली तक की राजनीति गरमा गई है.
बांकीपुर का टिकट नीरज को दिए जाने के बाद भाजपा के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी की भी खबर सामने आ रही है.