बसंत ऋतु का असर न केवल बाहरी वातावरण पर होता है, बल्कि यह मानसिक स्थिति पर भी प्रभाव डालता है।
महाकुंभ में आध्यात्मिक ज्ञान और मानसिक शांति मिलती है.
इस मौके पर विश्वविद्यालय के शिक्षक अधिकारी कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे.
प्रदर्शनी के कुल 21 कलाकारों ने अपनी शैली और माध्यम में बसंत और उससे परे भी रचना देवी की प्रेरणा से बहुत कुछ अव्यक्त को भी व्यक्त किया है।
इस दिन मां सरस्वती को पीले रंग के वस्त्र धारण करा कर पीले रंग की ही मिठाई का भोग लगाना चाहिए. बेसन के लड्डू, मालपुआ, केसर का हलवा आदि का भोग लगाना शुभ माना जाता है.
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आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि, सरस्वती पूजन के लिए एक दिन पहले से ही नियमपूर्वक रहना चाहिए.
बंगाल के रहने वाले लोग सरस्वती पूजा या बसंत पंचमी से पहले बेर खाने से परहेज करते हैं। इस बारे में ब्राह्मण संहिता और रामायण जैसे कई पुराने ग्रंथों में बेर का उल्लेख मिलता है।