डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के सभागार में काउंसलिंग प्रक्रिया प्रातः 10 बजे से शुरू हुई। काउंसलिंग के लिए दो डेस्क बनाये गये थे।

कार्यदायी संस्थाओं के लेआउट व राजस्व नक्शे का आपस में मिलान कर सभी विसंगतियों को दूर करते हुए कॉरिडोर के निर्माण की कार्ययोजना व प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने के निर्देश दिये।

कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय के निर्देशन में सभी संस्थानों के निदेशकों और प्राचार्य को पत्र जारी कर शिक्षकों से प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग करने को कहा गया है।

जहां सुभाष के मन में अंग्रेजों के प्रति तीव्र घृणा थी, वहीं अपने देशवासियों के प्रति उनके मन में अगाध प्रेम था।

कुलपति ने कहा कि ये समारोह न केवल विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुए बल्कि इसके छात्रों और कर्मचारियों की सामूहिक भावना के प्रमाण के रूप में भी काम किया