हनुमान चालीसा में इस बात का उल्लेख मिलता है कि वह माता सीता को अपना गुरु मानते थे.
वीरता में हनुमान जी का किसी से कोई मुकाबला नहीं. भगवान शिव के अवतारी कहे जाने वाले राम भक्त हनुमान जी के नाम पर ही भारत सरकार वीरता का सर्वोच्च पुरस्कार महावीर चक्र नामक स्वर्ण पदक भी देती है.
हनुमान जयंती पर घर की साफ-सफाई कर सुबह ही स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है.
ग्रहण के दौरान घर के सभी खिड़की-दरवाजे बंद रखें।
होलिका जल कर भस्म हो गई लेकिन प्रहलाद को कुछ नहीं हुआ और वह जीवित अग्नि से बाहर निकल आया.
जीवन की मुश्किलों और नजर दोष से बचने के लिए पीली सरसों होलिका में अर्पित करें.
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, महाशिवरात्रि के त्योहार को भगवान शिव और माता पार्वती की वैवाहिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है.
एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते।
अनुकम्पय मां देवी गृहाणार्घ्यं दिवाकर।।
Putrada Ekadashi Vrat Katha: सनातन धर्म में पौष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते हैं. इस…