Hanuman Jayanti-2026: हनुमान जयंती आज…ऐसे करें श्रीराम भक्त की पूजा…Video
Hanuman Jayanti 2026: शास्त्रों के मुताबिक हनुमान जयंती हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाई जाती है. इस बार ये तिथि आज यानी 2 अप्रैल को पड़ रही है. इस दिन को धूमधाम से मनाने के लिए देश भर के हनुमान मंदिर सजधज कर तैयार हो गए हैं. अभी से मंदिरों की रौनक देखी जा सकती है.
कानपुर के पनकी हनुमान मंदिर के महंत जितेंद्र दास की देखरेख में हनुमान जयंती के उत्सव को लेकर खास तैयारियां चल रही हैं तो वहीं लखनऊ में हनुमान सेतु मंदिर को खास फूलों से सजाया जा रहा है. तो वहीं अयोध्या के हनुमान गढ़ी में एक अलग ही रौनक देखने को मिल रही है.
जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी. pic.twitter.com/U7GGoSjjqu
— गुरुकुलम (@Gurukulam2024) March 30, 2026
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना गया है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी कि पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन से श्रद्धालु के कष्ट दूर होते हैं. यही वजह है कि हनुमान जयंती के दिन मंदिरों से लेकर घरों तक में अंजनी के लाल की विधिवत पूजा की जाती है. अगर हो सके तो इस दिन सुबह से ही हनुमान बाबा के भजन सुनें. ढोलक और मंजीरे के साथ बाबा के भजन गाना बहुत ही शुभ माना गया है.
पूजा विधि
हनुमान जयंती पर घर की साफ-सफाई कर सुबह ही स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
तत्पश्चात पूजा सामग्री एकत्र कर लें. एक वेदी पर भगवान हनुमान की प्रतिमा स्थापित करें।
प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं। इसके बाद सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
फूल, फल और मिठाई का भोग लगाने के बाद हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और हनुमान अष्टक का पाठ करें।
इसके बाद पूरी श्रद्धा और भाव के साथ आरती करें।
अगर हो सके तो इस दिन अखंड रामायण का पाठ या फिर सुंदरकांड का पाठ करें. ऐसा करना शुभ माना जाता है।
पूजा के सम्पन्न होने के बाद पूजा में हुई गलतियों के लिए हनुमान जी से माफी जरूर मांगे। माना जाता है कि ऐसा करने से ही पूजा पूरी होती है.
मंगला आरती श्री हनुमानगढ़ी मंदिर अयोध्या धाम pic.twitter.com/lJUQ7OcKFO
— Ayodhya Darshan (@ShriAyodhya_) March 27, 2026
DISCLAIMER:यह लेख धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों पर आधारित है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। किसी भी धार्मिक कार्य को करते वक्त मन को एकाग्र अवश्य रखें। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)
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