उन्होंने बताया कि विभाग के लिपिक अथवा लेखाकार द्वारा सम्बन्धित विद्यालयों के कर्मचारियों के माध्यम से अथवा शिक्षक/शिक्षिकाओं को स्वंय फोन कर घूसखोरी की बात की जाती है.

इस संबंध में प्रक्रिया शीघ्र आरंभ होने वाली है। इस संबंध में वेबसाइट www.luonlineeducation.in पर समस्त जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।