Solar Eclipse In India: अक्टूबर में पड़ने वाले हैं दो ग्रहण, सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर को, जानें कब पड़ेगा दूसरा, भारत में दिखेगा कौन सा ग्रहण, देखें पूरी जानकारी

October 13, 2023 by No Comments

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Solar Eclipse In India: दो महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. अक्टूबर में दो ग्रहण पड़ने वाले हैं. एक सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse ) और एक चंद्र ग्रहण लगने वाला है। 14 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण पड़ेगा जो कि एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इसके दो सप्ताह के बाद 28 अक्टूबर को चंद्र ग्रहण (Lunar eclipse) की घटना देखने को मिलेगी। यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर और आर्कटिक के कुछ हिस्सों में दिखेगा. चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दौरान होगा। जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के ठीक बीच में होगी तब यह स्थिति बनेगी।

अमावस्या को सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण अमावस्या यानी14 अक्टूबर को पड़ रहा है. खगोलीय घटनाओं पर नजर रखने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है। हालांकि यह अमेरिका में ही दिखाई देगा और इसका भारत पर कोई असर नहीं होगा. इसलिए भारत में सूतक भी मान्य नहीं होगा. सभी स्काई वाचर्स के लिए इस घटना को अनुभव करने का एक अनोखा मौका है तो वहीं अगर ज्योतिष की नजर से देखें तो एक महीने में दो ग्रहण दुनिया के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है. आचार्यों की मानें तो इसके प्रभाव से धरती पर प्राकृतिक आपदा, भूकंप, महामारी, सुनामी और बड़े देशों में युद्ध की स्थिति बन सकती है.

एक ही महीने में दो ग्रहण
आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि, इस साल यानी 2023 में कुल चार ग्रहण पड़ रहे हैं, जिसमें से दो सूर्य ग्रहण हैं और दो चंद्र ग्रहण. पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को पड़ चुका है तो वहीं पहला चंद्र ग्रहण 5 मई को लगा था. अब आने वाले दोनों ग्रहण अश्विन मास में ही पड़ रहे हैं. यानी एक ही महीने में सूर्य और चंद्र ग्रहण पड़ रहे हैं.

आचार्य सुशील कृष्ण शास्त्री बताते हैं कि यह सूर्य ग्रहण कंकड़ाकृति सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन ये भारत में दिखाई नहीं देगा. भारत के समय के मुताबिक 14 अक्टूबर 2023 को ये सूर्यग्रहण रात में 8 बजकर 34 मिनट पर प्रारम्भ होगा और इसका समापन रात में ही 2 बजकर 25 मिनट पर हो जाएगा. यह मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका तथा उत्तरी अमेरिका के साथ ही उत्तरी अफ्रीका का किनारा, अटलांटिक और प्रशांत महासागर में दिखाई देगा.

सूतक नहीं होगा मान्य
भारत में न दिखने के कारण इसका सूतक मान्य नहीं होगा और न ही किसी प्रकार का धार्मिक प्रभाव पड़ेगा. अगर आचार्यों की मानें तो ग्रहण जहां दिखता और पड़ता है, वहीं पर इसका प्रभाव होता है. तो वहीं आचार्य कहते हैं कि एक ही महीने में पड़ने के कारण ये दुनिया व समाज के लिए अच्छा नहीं है.

इन जगहों पर दिखेगा सूर्य ग्रहण
14 अक्टूबर को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, बल्कि इसे दक्षिण अमेरिका के क्षेत्रों को छोड़कर उत्तरी अमेरिका, कनाडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, मैक्सिको, ग्वाटेमाला, कोलंबिया, अर्जेंटीना, क्यूबा, कोलंबिया, पेरू, बारबाडोस, उरुग्वे, एंटीगुआ, वेनेजुएला, जमैका, हैती, पराग्वे, ब्राजील, डोमिनिका, बहामास आदि जगहों पर दिखाई देगा.

जानें कब लगता है सूर्य ग्रहण
बता दें कि सूर्य ग्रहण एक खगोलिया घटना है. यह घटना तब होती है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और पृथ्वी पर छाया डालता है. ऐसी अवस्था में वो सूर्य के प्रकाश को पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से ढक लेता है. बता दें कि कंकणाकृति सूर्य ग्रहण मिला-जुला सूर्यग्रहण माना जाता है, जिसमें ग्रहण एक कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के रूप में शुरू होता है और फिर धीरे-धीरे यह पूर्ण सूर्य ग्रहण में बदल जाता है और फिर वापस आकर कुंडलाकार सूर्य ग्रहण में बदल जाता है.

सूर्य ग्रहण के दौरान करें ये काम
ग्रहण के दौरान सीधे सूर्य को देखने से बचें
ग्रहण के दौरान गंगाजल से स्नान करें और पूरे घर व देवी-देवताओं को गंगाजल से ही शुद्ध करें.
ग्रहण के दौरान बाहर जाने से बचें.
ग्रहण के दौरान हनुमान जी की उपासना करना अच्छा माना गया है.
ग्रहण के दौरान दो सके तो खाना न खाएं. स्कंद पुराण में लिखा है कि, सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है और पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं.

इस तारीख को लगेगा चंद्रग्रहण
भारतीय ज्योतिषाचार्यों की मानें तो सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद यानी 28 अक्टूबर 2023 को चंद्रग्रहण होगा जो कि भारत में दिखाई पड़ेगा. इसलिए इस दौरान सूतक का मान्य होगा और भौतिक व धार्मिक मान्यता भी होगी. इसका असर 12 राशियों पर भी होगा जो कि अच्छा व बुरा दोनों ही असर डालेगा.

जानें क्या होता है सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण
सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पृथ्वी और चंद्रमा के चक्कर लगाने के कारण होता है। सूर्य अपनी जगह पर स्थिर है। पृथ्वी इसका चक्कर लगा रही होती है। वहीं चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य दोनों का चक्कर लगाता है। जब कभी चंद्रमा एक ऐसी स्थिति में हो कि वह चक्कर लगाते हुए पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाए और उसकी परछाई धरती पर पड़ने लगे तो यह सूर्य ग्रहण कहलाता है। वहीं चंद्रमा और सूर्य के बीच जब पृथ्वी आ जाए तो यह चंद्र ग्रहण कहलाता है।

DISCLAIMER:धार्मिक मान्यताओं व धर्म शास्त्रों के आधार पर धार्मिक विवरण दिया गया है। हम अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते। पाठक धर्म से जुड़े किसी भी कार्य को करने से पहले अपने पुरोहित या आचार्य से अवश्य परामर्श ले लें। KhabarSting इसकी पुष्टि नहीं करता।)