Independence Day: काव्य संध्या में गूंजा, “रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा प्यार है जिंदगी की चौथी जरूरत”, बजी तालियां, जाने-मानें कवियों को मिला मैथलीशरण गुप्त और महाकवि कालिदास सम्मान, देखें कवियों के नाम
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्वतंत्रता दिवस पर जाने-माने कवि जयराम जय को “मानसरोवर” साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ने मैथलीशरण गुप्त सम्मान से सम्मानित किया।
इसी के साथ नोयडा के डॉ.संजीव कुमार को “महाकवि कालिदास सम्मान” नवगीतकार जयराम जय को “मैथिली शरण गुप्त सम्मान”,सुधीर कुमार निगम को “भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान” तथा श्यामसुन्दर श्रीवास्तव कोमल भिंड (म.प्र.) को काव्य गौरव सम्मान से अलंकृत किया। प्रेम शंकर शुक्ला फ़ाउंडेशन द्वारा डा. संजीव कुमार द्वारा सौ से अधिक पुस्तकें लिखने के मान स्वरूप “कानपुर रत्न सम्मान” से विभूषित किया गया। डॉ. संजीव द्वारा संपादित एक काव्यकृति का विमोचन भी हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन राजीव नगर कानपुर, स्थित अभिनव संस्थान के आडीटोरियम में किया गया। इस अवसर पर संपन्न काव्य संध्या में डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि “रोटी कपड़ा और मकान के अलावा प्यार ज़िंदगी की चौथी सबसे महत्वपूर्ण ज़रूरत है॥ उनका गीत “प्यार गर मर जाएगा फिर क्या यहाँ रह जाएगा”बहुत पसंद किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव कुमार सिंह कुंवर ने तथा संचालन जयराम जय ने किय जिसका प्रारंभ मनीष मीत की वाणी वंदना से हुआ, विशिष्ट अतिथि श्याम सुंदर श्रीवास्तव कोमल के साथ विद्याशंकर पथिक, देवेंद्र सफल, मनीष रंजन, वीना उदय, यज्ञदत प्रशांत, राजेंद्र तिवारी, अरुण तिवारी, दिनेश नीरज, अजय कृष्ण मदहोश, मनी मलंग, शशांक साक्षर, श्रवण गुप्ता, नीलू श्रीवास्तव, लाल सिंह यादव, डा.मंजू श्रीवास्तव, नेम कुमार, इरसाद कानपुरी, राम सिंह विकल, प्रतीश, अनुराग मुकुन्द,अनुज मनमीत, अचानकजी आदि ने अपनी कविताओं से कविता के विविध रंग बिखेरे।
लगभग तीन घंटे चले कार्यक्रम में शैलेन्द्र शर्मा, मुरली कबीर डा.राधा शाक्य, सुरेश साहनी, सुषमा सिंह, मधु मोहिल, डा. मनोरमा, कामिनी, डा.अर्चना दीक्षित, आलोक शुक्ला,आयुश शुक्ला, संजय बाजपेयी, डॉ.अखण्ड प्रकाश, हितप्रभा मनेश शुक्ला, जय सिंह यादव आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।