Kanpur: छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में जल्द ही स्थापित होगी “गुरु तेग बहादुर साहिब शोध पीठ”
Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय अब भाषा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है. विश्वविद्यालय में जल्द ही “गुरु तेग बहादुर साहिब शोध पीठ” की स्थापना होगी, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सर्वधर्म समभाव और मानवीय आदर्शों के अध्ययन एवं संवर्धन को बढ़ावा देना है.
इसकी घोषणा आज केन्द्रीय श्री गुरु सिंह सभा, उत्तर प्रदेश एवं श्री गुरु सिंह सभा, कानपुर महानगर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की गई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) विनय कुमार पाठक उपस्थित रहे. उन्होंने इस ऐतिहासिक फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि “विश्वविद्यालय भारतीय भाषाओं, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए सतत प्रयत्नशील है। गुरु तेग बहादुर शोध पीठ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।”
सभा के चेयरमैन एवं केन्द्रीय श्री गुरु सिंह सभा, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सरदार कुलदीप सिंह (पूर्व विधान परिषद सदस्य) ने इस मौके पर कहा कि “गुरु तेग बहादुर साहिब जी का जीवन त्याग, साहस और सार्वभौमिक मानवता का प्रतीक है। यह शोध पीठ उनके अमर संदेश को अकादमिक और बौद्धिक जगत में प्रतिष्ठित करने का माध्यम बनेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि इस पीठ के अंतर्गत गुरु साहिब के जीवन, वाणी, दर्शन और शिक्षाओं पर अनुसंधान कार्य किया जाएगा तथा उनके संदेश को आधुनिक समाज और विश्व समुदाय तक पहुँचाया जाएगा और उन्हें महान गुरुओं की महिमा का पता चलेगा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता गुरु तेग बहादुर साहिब के बलिदान से बच पाई।
गुरु तेग बहादुर साहिब की वाणी देती है ये सीख
बैठक में चेयरमैन सरदार कुलदीप सिंह ने आगे कहा कि “गुरु तेग बहादुर साहिब भय-मुक्त समाज के समर्थक थे। उनकी वाणी हमें सिखाती है – ‘भय काहु को देत नाहीं, नहिं भय मानत आनि।’ यही निर्भयता, समानता और सत्य की भावना समाज के संतुलन की आधारशिला है।” यह शोध पीठ न केवल विश्वविद्यालय के गौरव को बढ़ाएगी, बल्कि भारत की गुरु परंपरा, भारतीय संस्कृति और सर्वधर्म समभावके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का कार्य करेगी।
इसको लेकर सिंह सभा अध्यक्ष सिमरनजीत ने सिख समाज को बधाई दी और कहा कि अब गुरु साहिबान का इतिहास हिंदी बेल्ट के निवासियों तक पहुंचेगा। मुख्य रूप से गुरविंदर सिंह (बिट्टू ), गुरविंदर सिंह वसू, हरविंदर सिंह बॉबी, तेजेंद्र पाल सिंह, सुखप्रीत सिंह (बंटी), मनजीत सिंह चड्ढा, अमित पाल सिंह, जसविंदर सिंह, रविंद्र सिंह आदि पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया.
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