बंटवारे के वक्त अपनी मां के साथ रजाई में छुप कर पाकिस्तान से भारत आई थीं ये पूर्व मेयर…अब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से की ये मांग
India-Pakistan Partition: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पूर्व महापौर संयुक्ता भाटिया ने भारत विभाजन की विभीषिका को लेकर बड़ी बात साझा की है. दरअसल हाल ही में उनकी 99 वर्षीय माता अनुसुइया गिरोत्रा का 99 वर्ष की आयु में स्वर्गवास हो गया था।
अपनी माता को याद करते हुए उन्होंने बताया था कि जब वह मात्र 9 माह की थी तब भारत विभाजन के समय उपजी मजहबी हिंसा के कारण उनके नाना और माता अनसुईया गिरोत्रा तब भारत (पंजाब) (अब पाकिस्तान) के लायलपुर जिला के झंग शहर से रात्रि में अपने धन-दौलत, जमीन-जायदाद सब कुछ छोड़ कर विस्थापित हो गई थी और पाकिस्तान से भारत का सफर पैदल तय किया था।
ढाई साल तक रहीं रिफ्यूजी कैंप में
संयुक्ता भाटिया ने आगे बताया कि इस दौरान रास्ते मे लूटपाट के लिए मजहबी आक्रांताओं से बचने के लिए बैलगाड़ी पर रजाई के अंदर छुप कर मेरी मां अनसुईया गिरोत्रा ने अपनी और मेरी जान बचाई थी, उस समय मै मात्र 9 माह की थी। लगभग 2.5 साल विस्थापितों के कैम्प में गुजारने के बाद हम किसी तरह अपने परिवार से मिलने में सफल हो पाए थे। पूर्व महापौर ने आगे बताया कि सबसे लूट जाने के उपरांत परिवार ने शून्य से जीवन यापन प्रारंभ कर संस्कार युक्त परिवार का पालन किया। उनके द्वारा दिए गए संस्कार ही हमारे जीवन की सबसे बड़ी अमूल्य पूंजी है, वह सभी को अत्यंत स्नेह प्रेम करती थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की ये मांग
पूर्व मेयर संयुक्ता भाटिया ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से आज मांग की कि विभाजन की भयावह विभीषिका के कारण जिन परिवारों ने सब कुछ खोया, उनको शत्रु सम्पत्ति के साथ ही वक्फ बोर्ड के वर्तमान स्वरूप में उचित अर्थात न्यायोचित प्रतिनिधित्व दिलाया जाये। इसको लेकर उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा. बता दें कि राजनाथ सिंह उनके मातृ शोक पर शोक संवेदना प्रकट करने के लिए रविवार को सिंगार नगर स्थित आवास पर पहुंचे थे। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने पूर्व मेयर की माता जी को श्रद्धांजलि अर्पित की.
ज्ञापन में लिखी गई है ये मांग
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को सम्बोधित पत्र में संयुक्ता भाटिया ने लिखा है, “महोदय. आपने राष्ट्र नायक के रूप में सदा समाज और देश के निमित्त हर आवश्यक विषय पर अपनी राय बहुत स्पष्टता से व्यक्त की है। मान्यवर, एक विषय आपके संज्ञान में सदैव रहा है। यही कि भारत विभाजन के समय अनगिनत हिन्दु परिवारों को भारत से विलग किये गये पाकिस्तानी भूभाग (पंजाब और सिंध) से हिंसा के बल पर लूट, आगजनी और नरसंहार के माध्यम से खदेड़ दिया गया था।
हमारा पूरा परिवार भी पीड़ित परिवारों में सम्मिलित था जिसे अपनी सारी सम्पत्ति छोड़ने और अपना घर बार छोड़ने के लिए विवश किया गया। पूज्य माताजी स्वर्गीय अनुसुइया गिरोत्रा जिन्होंने अखण्ड भारत से लेकर विभाजन की विभीषिका तक का दंश झेलते हुए स्वाधीनता के अमृत काल तक अपने जीवन के सार्थक 99 वर्षों की यात्रा पूर्ण की, विगत दिनों दिव्य धाम के लिए प्रस्थान किया। श्रीमती अनुसुइया जी विभाजन के पूर्व वर्तमान समय में पाकिस्तान के पंजाब राज्य के झंग जिले के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में सम्मिलित थी.
उनके साथ ही मैं स्वयं (संयुक्ता भाटिया) भी इस विभीषिका का दंश झेलते हुए दो साल रिफ्यूजी कैंप में जैसे तैसे समय बिताने के बाद किसी तरह अपने पिताजी से मिल पायी थी। ऐसे लाखों परिवारों के लोग इसी दंश को झेलते हुए भारत आये।
भारत से जो मुसलमान उस ओर गये उनकी सम्पत्ति हमारे देश की सरकारों ने शत्रु सम्पत्ति के नाम से संरक्षित रखी। ऐसा सीमा पार से भारत आये हिन्दुओं की सम्पत्ति के प्रति पाकिस्तानी सरकारों ने नहीं किया। उल्टे वक्फ के नाम पर भारत की अकूत सम्पत्ति हथिया ली गयी।
यह संयोग नहीं अपितु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आप जैसे राजनीतज्ञों की गंभीर सोच का परिणाम है कि वक्फ बोर्ड के विधानों में व्यापक संशोधन किये गये हैं। महोदय एक प्रार्थना है कि विभाजन की भयावह विभीषिका के कारण जिन परिवारों ने सब कुछ खोया, उनको शत्रु सम्पत्ति के साथ ही वक्फ बोर्ड के वर्तमान स्वरूप में उचित अर्थात न्यायोचित प्रतिनिधित्व दिलाया जाये। यह समय की मांग भी है।
भारत न्याय और धर्म के नैतिक प्रावधानों का आदर करने वाले संविधान से चलने वाला देश है। ऐसे देश में लम्बे समय से सीमापार से भगाये गये हिन्दुओं को शरणार्थी बता कर अपमानित किया जाता रहा है। मान्यवर आपने और आदरणीय श्री मोदी जी ने यह पीड़ा अनुभव की और सभी को उचित सम्मान दिलाया।
श्रीमान आप एक युग चेत्ता चिंतक होने के साथ ही राष्ट्रीय फलक पर दीर्घ काल तक अपनी छाप छोड़ने वाले नायक हैं।
पीड़ित समाज के प्रति न्याय की स्पष्ट दृष्टि आपकी पहचान रही है।
देश का राष्ट्रभक्त समाज सदैव आपके साथ है। सादर धन्यवाद”
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