Lucknow: इस बार फीका रहा बलरामपुर गार्डेन बुक फेयर…अब गोमती पुस्तक महोत्सव से उम्मीद
Lucknow Gomti Book Festival: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बलरामपुर गार्डेन में पिछले एक हफ्ते से चल रहे पुस्तक मेले का आज समापन हो गया. इस मौके पर पुस्तक मेले में स्टाल लगाने वाले पब्लिशर्स बहुत खुश नहीं दिखाई दिए. अधिकांश पब्लिशर्स का कहना था कि इस बार का पुस्तक मेला पिछली बार की अपेक्षा काफी फीका रहा. पूरे हफ्ते पाठक ही नहीं आए. शनिवार व रविवार को ही पुस्तक मेले में भीड़ उमड़ी.
तो वहीं अब 20 सितम्बर से लखनऊ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत (एनबीटी, इंडिया) द्वारा लगाए जा रहे गोमती पुस्तक महोत्सव से पब्लिशर्स को उम्मीद दिखाई दे रही है. दरअसल यहां के अधिकांश पब्लिशर्स अब 20 से 28 सितंबर तक लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले पुस्तक मेले में हिस्सा लेंगे. यहां पर सबसे अधिक विद्यार्थियों के आने की वजह से माना जा रहा है कि मेला अच्छा जाएगा और पुस्तकों की अच्छी बिक्री हो सकेगी.
#Lucknow बलरामपुर गार्डन में चल रहा पुस्तक मेला आज समाप्त होने वाला है और 20 सितम्बर से लखनऊ विश्वविद्यालय में लगने जा रहा है, किताबों के सागर में गोता लगाना हो तो ज़रूर पहुंचे, हर किताब पर भारी छूट #books #UttarPradesh #Students #teacher @Lucknowunivpost #teacherstudent #author pic.twitter.com/nhGGLDWI1x
— Archana Sharma Shukla (@archanasharmas6) September 14, 2025
राजपाल एंड सन्स के विक्रेता प्रतिनिधि अशोक शुक्ला ने बताया कि उनके स्टाल में सबसे अधिक विष्णु नागर की आदमी की पूंछ, मनीषा कुलश्रेष्ठ की वान्या जो कि आदिवासी लड़की पर लिखी गई कहानी संग्रह है को काफी पसंद किया गया. तो वहीं हमेशा की तरह इस बार भी मधुशाला पाठकों को खूब पसंद आई. साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी की प्रेमतीर्थ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही. हालांकि मोदी ने ये किताब उस वक्त लिखी थी जब वह नेता नहीं थे. यह 1977-1979 के बीच गुजराती भाषा में लिखी गई थी, जिसका अब हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद भी मार्केट में आ गया है. तो वहीं अटल बिहारी वाजपेयी का कविता संग्रह क्या खोया क्या पाया, भी खूब पसंद किया गया.
अशोक शुक्ला कहते हैं कि हालांकि सेल ठीक रही लेकिन पिछली बार की अपेक्षा इस बार मेला डाउन गया. वह ये भी कहते हैं कि अब पुस्तक मेला में पहली वाली बात नहीं रही. यंग बच्चों को अब किताबों से अधिक मोबाइल में वीडियो और रील्स देखना पसंद है. हालांकि किसी भी स्कूल और माता-पिता की कोशिश होनी चाहिए कि बच्चों में किताबें पढ़ने की आदत को विकसित करें. क्योंकि किताबों से पूरी जानकारी हासिल होती है.
इसी तरह राजकलम प्रकाशन ने भी इस बार के पुस्तक मेले को फीका बताया और कहा कि शनिवार और रविवार होने की वजह से भीड़ तो है लेकिन पुस्तक खरीदने वाले पाठक कम हैं. बता दें कि पुस्तक मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों व कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ तो वहीं मेले में पुस्तकों के अलावा बच्चों के खेलने के लिए खिलौनों से लेकर लड़कियों के आर्टिफिशियल आभूषणों का भी स्टाल आकर्षण का केंद्र रहा. तो वहीं फूड कॉर्नर भी बच्चों की पहली पसंद बने.
20 से गोमती पुस्तक महोत्सव का आयोजन
बता दें कि लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित होने जा रहे गोमती पुस्तक महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. इसके लिए जिला प्रशासन तैयारी में जुटा हुआ है. यहां पर 20 से लेकर 28 तक पुस्तक मेले का आयोजन होगा.
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