Vinay Pathak Corruption Case: कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक को कोर्ट से बड़ा झटका, लटकी गिरफ्तारी की तलवार
लखनऊ। एकेटीयू के पूर्व कुलपति व छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के वर्तमान कुलपति प्रो. विनय पाठक को हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी है। प्रो. पाठक पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
बता दें कि 29 अक्टूबर को डेविड मारियो डेनिस ने प्रो. पाठक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक आगरा विश्वविद्यालय का कुलपति रहने के दौरान प्रो. पाठक व एक अन्य अभियुक्त ने उसकी कम्पनी द्वारा किए गए कार्यों के भुगतान के लिए उससे 15 प्रतिशत कमीशन वसूला था। उससे कुल एक करोड़ 41 लाख रुपये की जबरिया वसूली की गई है। एफआईआर में अभियुक्तों से अपनी जान को खतरा भी बताया था।
बता दें कि प्रो. विनय पाठक ने अपने खिलाफ दर्ज इसी एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की थी, जिसमें उन्होंने उनके खिलाफ थाना इंदिरा नगर में दर्ज एफआईआर को रद् करने की मांग की थी। साथ ही गिरफ़्तारी पर तत्काल रोक लगाने की गुजारिश भी याचिका में की गई है। इसी मामले पर फैसला 15 नवम्बर को आना था, जो कि आ गया है और कोर्ट ने अपील खारिज कर दी है। मालूम को कि मामले की पूरी जांच एसटीएफ के हाथ में है।