AKTUs Innovation Hub & Startup: एकेटीयू के इनोवेशन हब में 20 स्टार्टअप हुए पंजीकृत, सरकारी लोन से लेकर अन्य सभी समस्याओं में मिलेगी मदद, जानें स्टार्टअप शुरू करने से पहले किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) में मंगलवार को प्रदेश के 20 स्टार्टअप को इनोवेशन हब में पंजीकृत किया। इस मौके पर इन उद्यमियों को इनोवेशन हब, कलाम सेंटर फॉर इनोवेशन के बारे में जानकारी दी गयी। आईपीआर और मार्केटिंग स्ट्रेटजी के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस मौके पर कुलपति प्रोफ़ेसर प्रदीप कुमार मिश्र ने कहा कि आज से कुछ साल पहले तक नवाचार एवं उद्यमिता के लिए तमाम चुनौतियां थी मगर वर्तमान में केंद्र एवं प्रदेश सरकार इस दिशा में काफी सहयोग कर रही है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रदेश में नवाचार एवं उद्यमिता के लिए बेहद अनुकूल माहौल बन गया है। प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता और स्टार्टअप में कुछ नया करने के लिए आप लगातार कोशिश करें।
आईआईएम लखनऊ की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रियंका शर्मा ने नये स्टार्टअप को बाजार में खुद को पहचान दिलाने और बने रहने का टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि किस तरह से प्लानिंग और दूरदर्शिता से बाजार में सफल हुआ जा सकता है। इसके बाद सभी स्टार्टअप को लैब दिखाया गया। साथ ही इनोवेशन हब में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गयी। डीन इनोवेशन हब प्रो. संदीप तिवारी ने इनोवेशन हब की जानकारी दी जबकि डॉ अनुज कुमार शर्मा ने कलाम सेंटर फॉर इनोवेशन के बारे में बताया। धन्यवाद इनोवेशन हब के हेड महीप सिंह ने दिया जबकि संचालन वंदना शर्मा और रितेश सक्सेना ने किया।
जानें स्टार्टअप के लिए क्या है सबसे जरूरी
वही आईपीआर की जानकारी देते हुए इनोव इंटलेक्ट की निदेशक पूजा कुमार ने कहा कि नवाचार और स्टार्टअप के लिए सबसे जरूरी है प्रोडक्ट का पेटेंट और कॉपीराइट कराना। बिना इसके कोई दूसरा उस पर अपना दावा कर सकता है। बहुत से लोग नया आइडिया और स्टार्टअप तो शुरू कर देते हैं मगर जानकारी के अभाव में उसका पेटेंट और कापीराइट नहीं कराते हैं। इसका फायदा दूसरे उठा लेते हैं। पूजा कुमार ने पेटेंट और कॉपीराइट कराने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही पेटेंट कराने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को भी बताया। जिससे कि एक उद्यमी अपने प्रोडक्ट को पहचान देने में सफल हो सकता है।
पंजीकृत स्टार्टअप को ये मिलेगी मदद
किसी भी स्टार्टअप को शुरू करना आसान काम नहीं है। ऐसे में जो स्टार्टअप एकेटीयू के इनोवेशन हब से पंजीकृत हो चुके हैं, उनको स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के रास्ते में जो भी जटिलताएं आ रही होंगी, उनमें मदद दी जाएगी। सरकारी लोन से लेकर विशेषज्ञों की राय, टैक्स सहित सभी पर जानकारी दी जाएगी और हर जगह पर उनकी मदद की जाएगी।