Dussehra: दशहरे पर 8 करोड़ रुपए से सजाया गया मंदिर, दीवारों से लेकर फर्श व छत पर चिपकाए गए नोट, पुजारी ने छाती पर उगाए ज्वार, देखें तस्वीरें
नवरात्र पर मां भगवती के भक्तों का उत्साह मां के प्रति देखते ही बनता है। इस दौरान भक्ति में डूबे मां के भक्त कुछ भी करने को तैयार रहते हैं, जिससे माता को प्रसन्न कर सकें। इसी तरह की कुछ अनोखी खबरें देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आ रही हैं।
विशाखापत्तनम से खबर सामने आ रही है कि यहां आंध्र प्रदेश के एक मंदिर से खबर सामने आ रही है कि यहां एक श्रद्धालु ने मंदिर को 8 करोड़ की करेंसी नोटो सें सजाया है। इसी के साथ सोने के गहनों को भी इस्तेमाल किया गया है। यह मंदिर वासवी कन्याका परमेश्वरी मंदिर है। यहां की प्रबंध समिति ने मंदिर की दीवारों के साथ ही फर्श को एक से लेकर 2000 के नोटों से सजाया है, जिसमें भगवान की मूर्ति भी शामिल है। छत पर भी नोट चिपकाए गए हैं।
यह मंदिर 135 साल पुराना है। मंदिर समिति ने बताया कि जिन करेंसी नोटो से मंदिर को सजाया गया है, वो भक्तों का दिया हुआ चढ़ावा है और उत्सव की समाप्ति के बाद ये सब उनको वापस कर दिया जाएगा। यहां यह पहली बार नहीं हो रहा है। हर साल ही दशहरा पर मंदिर को इसी तरह से नोटो से सजाया जाता है। गत वर्ष नेल्लोर जिले के वासवी कन्याका परमेश्वर मंदिर को 5.16 करोड़ के करेंसी नोटों से सजाया गया था। बताया जाता है कि आयोजकों ने मंदिर को दो हजार, 500 और 200, 100, 50 और 10 रुपए के करेंसी नोटों से सजाया था। यहां के लोग बताते हैं कि नवरात्र के समय यहां बड़ी संख्या में भक्त धन की देवी धनलक्ष्मी के अवतार की पूजा करते हैं और कैश व सोना चढ़ाते हैं। (फोटो-सोशल मीडिया)
इससे पहले तेलंगाना के जोगुलम्बा गडवाल जिले में कन्याका परमेश्वरी मंदिर को 1,11,11,111 रुपए के करेंसी नोटो से सजाया गया था। 2017 में मंदिर समिति ने मंदिर को 3,33,33,333 रुपए के करेंसी नोटों से मंदिर को सजाया था।
उदयपुर में पुजारी ने छाती पर उगाया ज्वार
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक राजस्थान के उदयपुर के एक मंदिर के पुजार नवरात्र ते दिनों में जमीन व किसी कलश पर नहीं बल्कि अपनी छाती पर ज्वार उगाते हैं। पुजारी बताते हैं कि इस दौरान वह पूरे नौ दिन तक कुछ भी खाते-पीते नहीं है। विसर्जन के बाद ही कुछ खा सकते हैं। नीचे लिंक में देखें तस्वीरें।